शासन की प्राथमिकता में शामिल प्रथम कॉरिडोर के आईआईटी से मोतीझील स्टेशन तक मेट्रो का ट्रायल 30 नवंबर से शुरू होगा। इसके लिए पहली ट्रेन सितंबर और दूसरी अक्तूबर में आएगी। लगभग नौ किलोमीटर लंबे इस सेक्शन में पहले चरण में आठ ट्रेनों का संचालन होगा।
शहरवासी विधानसभा चुनाव से पहले जनवरी-2022 से मेट्रो का सफर कर सकेंगे। यह जानकारी मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने दी। मंगलवार को मंडलायुक्त ने मेट्रो निर्माण की प्रगति जानने के लिए आईआईटी से गुरुदेव पैलेस तक 4.5 किलोमीटर रूट का पैदल निरीक्षण किया।
उन्होंने पाया कि कोरोना काल की वजह से मेट्रो के निर्माण की गति थोड़ी धीमी रही, लेकिन अब कार्य प्रगति पर है। ट्रैक और गर्डर बिछाने, प्लेटफार्म, सीढ़ियां, सिग्नल सिस्टम का काम शुरू हो गया है। कुछ कार्य लगभग समाप्ति की ओर हैं। सिविल इंजीनियरिंग के साथ डिपो के निर्माण का कार्य जोरों पर है। पटरी बिछाने का काम अगस्त के अंतिम सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि ट्रायल के लिए सितंबर के पहले सप्ताह में एक ट्रेन आ जाएगी।
पहले कॉरिडोर पर सबसे अधिक 29 मेट्रो
मंडलायुक्त ने बताया कि मेट्रो के कॉरिडोर एक और दो के लिए कुल 39 ट्रेनों की जरूरत है। इनमें से कॉरिडोर एक पर 29 और दो पर 10 ट्रेनों के संचालन की योजना है। लेकिन, आईआईटी से मोतीझील तक नौ किलोमीटर के प्राथमिकता सेक्शन के लिए कुल आठ ट्रेनों की जरूरत है। सभी ट्रेनें दिसंबर के मध्य तक शहर पहुंच जाएंगी। निरीक्षण में मेट्रो के परियोजना निदेशक अरविंद सिंह और कानपुर मेट्रो के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।