महिलाओं के लिए होगी सुविधा, आउटर ने रचा इतिहास
अभी तक कानपुर में एक ही महिला थाना था। यही व्यवस्था सूबे के प्रत्येक जनपद में है। अब पुलिस व्यवस्था के मद्देनजर कानपुर आउटर पहला ऐसा जिला बन गया है, जिसमें तीन महिला थाने हैं। मकसद है कि अगर महिला संबंधी अपराध होता है, तो पीड़िता को समस्या का सामना न करना पड़े। कम समय में वह पुलिस से संपर्क करें। बेहतर ढंग से कार्रवाई हो सके। पीड़िता को भटकना न पड़े।
पहली बार इनको मिली कमान
थाना प्रभारियों के लिए कानपुर देहात, कन्नौज व इटावा से गाड़ी भी मंगा ली गई है। महिला थाने के लिए एक प्रभारी कार्यालय व पांच कमरे बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सचेंडी महिला थाने की कमान एसआई आराधना को सौंपी गई है और एसआई प्रिया वर्मा को सजेती महिला थाने का थानेदार बनाया गया है। चौबेपुर महिला थाने का प्रभारी जिसको बनाया गया, उन्होंने असमर्थता जताई है। इसलिए वहां किसी नए एसओ की तैनाती की जाएगी।
समाजसेवी संस्था करेगी मदद
शासन से तीन थाना बनने की संस्तुति तो दे दी गई, लेकिन अभी फंड जारी नहीं किया है। इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है। इस बीच कई समाज सेवी संस्थाओं से पुलिस ने संपर्क किया है। ये संस्थाएं थानों की कुछ आवश्यकताओं को पूरी करेंगी, जिससे अस्थायी थाने चल सके। वहीं पुलिस विभाग ने आउटर के सभी थानों के लिए एक एक वॉटर कूलर भी खरीदा है, जिससे पीने की पानी की समस्या दूर हुई है।
यहां होगी सुनवाई
बिल्हौर सर्किल - चौबेपुर महिला थाना
घाटमपुर सर्किल - सजेती महिला थाना
सदर सर्किल - सचेंडी महिला थाना
शासन से तीन महिला थाने की मांग कर प्रस्ताव भेजा गया था। सोमवार को शासन ने थानों की मंजूरी दे दी है। फिलहाल अस्थायी रूप से थानों की शुरुआत कर दी गई है। महिला अपराध संबंधी शिकायतों को प्रभावी ढंग से सुनवाई कर कार्रवाई करने में आसानी होगी। - अजीत कुमार सिन्हा, एसपी आउटर