इस हत्याकांड में रक्षपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह और सतवीर सिंह उर्फ काला को मार दिया गया था। एसआईटी 11 केसों की विवेचना कर रही है, जिसमें से आठ केसों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। कुल 96 आरोपी चिह्नित किए थे, जिसमें से 22 की पहले ही मौत हो चुकी है।
एसआईटी को 74 की गिरफ्तारी करनी थी, जिसमें से 36 की हो चुकी है। कुछ और आरोपियों की भी मौत हुई है। 15-20 आरोपियों गिरफ्तारी और संभव है। हालांकि एसआईटी का कार्यकाल 30 सितंबर तक ही है। कार्यकाल बढ़ाए जाने को लेकर शासन को पत्र भेजा गया है।