वायस रिकार्डिंग के जरिये आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मोबाइल नंबर के आधार पर युवती के पिता को हिरासत में लिया गया। उसने बताया कि 10 दिन पहले मोबाइल चोरी हो गया। पुलिस ने धमकी की रिकार्डिंग सुनाई, तो उन्होंने आमीन के रूप में पहचान कर ली। उनका कहना है कि आमीन बेटी से शादी का दबाव बना रहा था। उन्हें फंसाने के लिए साजिश रची।
यह था मामला
23 अप्रैल को एक व्यक्ति ने यूपी-112 पर व्हाट्सएप मैसेज करके धमकी दी थी। इसमें लिखा था कि मुख्यमंत्री योगी को जल्द मार दूंगा। रात करीब 8.22 बजे धमकी भरा मैसेज आया। मैसेज मिलते ही कम्युनिकेशन अधिकारी शिखा अवस्थी ने पुलिस को सूचना दी।
सुरक्षा एजेंसियां हो गईं थी अलर्ट
धमकी भरा मैसेज 9151400148 से आया था। पुलिस ने इस नंबर की जांच शुरू कर दी है। सर्विलांस टीम ने नंबर की लोकेशन निकाली तो कानपुर मिली। कानपुर पुलिस से संपर्क किया गया। इस धमकी के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर एजेंसियां अलर्ट हो गई थी।
पहले भी कई बार मिल चुकी है धमकी
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री को धमकी मिली है। इसके पहले भी कई बार यूपी-112 के व्हाट्सएप पर मेसेज भेजकर धमकी दी गई है। एक सप्ताह पहले फेसबुक के जरिए मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी। यह फेसबुक पोस्ट बागपत के अमन रजा नाम के युवक के आईडी से पोस्ट की गई थी।
पुलिस उसे गिरफ्तार किया है। वहीं आलमबाग के वकील व किसान नेता देवेंद्र तिवारी को भी गुड्डू मुस्लिम के नाम से धमकी भरा पत्र मिला, जिसमें मुख्यमंत्री पर हमला करने की बात लिखी थी। अप्रैल 2022 में व्हाट्सएप पर मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।