बांदा। कोरोना की दूसरी लहर के कहर के बाद अब तीसरी लहर की संभावनाओं के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल समेत पीएचसी, सीएचसी में कील कांटे दुरुस्त करने में जुट गया है। ऑक्सीजन से लेकर बेड की कमी तक दूर करने के लिए कवायदें जारी हैं। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल समेत जिले के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड तैयार किए गए हैं।
यहां कुल आईसीयू में 135 और आइसोलेशन में 360 बेड हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर बेडों की संख्या को और बढ़ाया जाएगा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर अगस्त माह में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस बारे में स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी सटीक जानकारी नहीं दे सका, फिर भी तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां जोरों पर की जा रही हैं। अबकी जसपुरा सीएचसी में भी कोविड मरीज भर्ती किए जाएंगे। इसके पूर्व यहां कोरोना के मरीज भर्ती नहीं हुए। ऑक्सीजन संकट से मौतों पर हुई किरकिरी के मद्देनजर इसकी कमी को दूर करने सहित बेड की भी संख्या बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
इस बाबत उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमसी पाल ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में अधिकांशत: बच्चों के चपेट में आने की संभावना जताई जा रही है। उन्हीं को ध्यान में रखकर तैयारियां भी की जा रही हैं। बताया कि चित्रकूटधाम मंडल के एकलौते राजकीय मेडिकल कालेज में आईसीयू और एचडीयू 50-50 बेड और आइसोलेशन वार्ड सौ बेड का है। बताया कि जिला अस्पताल में आईसीयू में 15 बेड और आइसोलेशन वार्ड में 180 बेड हैं। इसी तरह नरैनी सीएचसी में आईसीयू के 10 और आइसोलेशन के 40 बेड का वार्ड है। जसपुरा सीएचसी में सिर्फ 40 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
जल्द शुरू होगा मेडिकल कॉलेज का दूसरा प्लांट
ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापना पर भी तेजी से काम चल रहा है। डिप्टी सीएमओ डा. एमसी पाल और राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत दो प्लांटों में एक ऑक्सीजन प्लांट चालू हो गया है। दूसरे ऑक्सीजन प्लांट के लिए उपकरण आ गए हैं। दो दिनों में इंजीनियरों की टीम उपकरणों को लगाने आएगी। इसके बाद यहां दोनों प्लांट से भरपूर ऑक्सीजन मिलने लगेगी। डिप्टी सीएमओ ने यह भी बताया कि नरैनी सीएचसी में भी मशीनें आ गई हैं। जल्द ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएगा। जिला अस्पताल के दोनों ऑक्सीजन प्लांट भी बमुश्किल 15 दिनों में चालू हो जाएंगे। दावा किया कि पांचों प्लांट शुरू हो जाने पर यहां मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं हो सकेगी। ऑक्सीजन कन्संट्रेटर भी पर्याप्त हैं।
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डेल्टा वैरिएंट को लेकर सतर्कता के निर्देश
डेल्टा वैरिएंट के खतरे के मद्देनजर शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। कोरोना वायरस के बदलते स्वरूपों को ध्यान में रखकर शासन ने निगरानी के लिए अलर्ट जारी किया था। खासकर रेलवे स्टेशन और रोडवेज में यात्रियों की जांच के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यहां डेल्टा वैरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग बेफिक्र है। कागजों में निगरानी हो रही है। बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेशन में आने वाले यात्रियों की जांच में महज औपचारिकता ही की जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी का दम भर रहा है। डिप्टी सीएमओ का कहना है कि निगरानी समितियाें को सक्रिय कर दिया गया हैं। इसके अलावा बाहर से आने वालों पर पूरी नजर रखी जा रही है। बताया कि सभी की आरटीपीसीआर जांच भी कराई जा रही है। फिलहाल यहां डेल्टा वैरिएंट का कोई केस अब तक सामने नहीं आया है।
Third wave...Health department gears up- फोटो : BANDA