केंद्रीय कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार फरवरी 2014 से ठप पड़ी लाल इमली मिल को फिर से शुरू कराने का एलान कर गए। मंगलवार को एल्गिन मिल-2 और कानपुर टेक्सटाइल के निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री ने लाल इमली मिल का भी निरीक्षण किया। इसके बाद मंच से उन्होंने कहा कि मैं मिल चलवाने आया हूं और मिल चल सकती है, इसलिए इसे चलने दो। मिल को चलाने के लिए प्लान भी तैयार किया जा रहा है। सेना का आर्डर मिले, इसके लिए रक्षा मंत्रालय से बातचीत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मिल चलाने के लिए स्वीकृत यूपीए सरकार के 338 करोड़ के रिवाइवल प्लान की तो उन्हें जानकारी नहीं है। हां, मोदी सरकार जरूर मिल को लेकर गंभीर है। प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा भी है कि सरकार का काम
व्यापार करना नहीं, व्यापार कराना है।
कपड़ा मंत्री कानपुर में लक्ष्मी टेक्सटाइल पार्क स्वीकृत होने की भी जानकारी दे गए हैं। हालांकि, कब और कहा बनेगा, इसके बारे में उन्होंने नहीं बताया। दोपहर करीब सवा एक बजे लाल इमली पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने वर्सटडन और सुल्जर विभाग की मशीनें चलवाईं और कपड़ा बनते देखा।
इस पर उन्होंने कहा कि मिल चल सकती है, मजदूरों का वेतन भी समय पर मिलेगा। कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार के साथ कपड़ा सचिव संजय पांडा, ज्वाइंट सेक्रेटरी अनु गर्ग और बीआईसी के सीएमडी निर्मल सिन्हा ने भी 2002 से बंद पड़ीं बीआईसी की मिलों और लाल इमली का निरीक्षण किया।
सुबह स्टेशन पहुंचे कपड़ा मंत्री का भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी सहित भाजपाइयों ने फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद लाल इमली के पास भाजपाइयों ने जुलूस निकालकर नारेबाजी की और मंत्री को मिल से पहले ही गाड़ी से उतार लिया। इस पर उन्हें मिल में पैदल ही घूमना पड़ा। निरीक्षण के बाद एनटीसी गेस्ट हाउस पहुंचे कपड़ा मंत्री से कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन ने भी मुलाकात की।