बिजली न आने से स्वास्थ्य कर्मी सिर्फ दो मरीजों को ही प्लास्टर चढ़ा पाए। डॉ. ओमदेव ने बताया कि सेंटर में लाइट नहीं आने से परेशानी हुई। इससे बाहर बैठकर मरीजों का उपचार करना पड़ा। वहीं, बिजली न होने से ट्रामा सेंटर के बाहर लगा आरओ प्लांट भी बंद रहा। इससे मरीजों को बाजार से पानी खरीदकर पीना पड़ा। यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ ने 130 मरीजों का उपचार किया।
मंगलवार की रात साढ़े आठ बजे जिला और महिला अस्पताल का फीडर फुंक गया था। इस वजह से कुछ परेशानी हुई। दोनों अस्पतालों और ट्रामा सेंटर में जनरेटर चलाकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई। -डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस