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Jalaun News: गोशालाओं का विस्तार जल्द, 2.8 करोड़ रुपये होंगे खर्च, 15 गांवों के किसानों को मिलेगी राहत

Wed, 29 Jun 2022 06:05 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन

सार

कदौरा ब्लॉक क्षेत्र के 15 गांवों की गोशालाओं की सेहत दो करोड़ 80 लाख रुपये से सुधारी जाएगी। तार फेसिंग, टिनशेड और भूसाघर आदि की कमियां दूर की जाएंगी। साथ ही,किसानों को भी फसल नुकसान से राहत मिलेगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जालौन जिले के कदौरा ब्लॉक में अन्ना मवेशियों की समस्या को देखते हुए गोशालाओं का विस्तारीकरण किया जाएगा। इससे किसानों को राहत मिलेगी। किसानों की फसल के बचाव के साथ-साथ निराश्रित गोवंशों को भूसे और चारे की तलाश के लिए सड़कों पर भी नहीं भटकना पड़ेगा। मनरेगा योजना के तहत गोशालाओं का विस्तार किया जाएगा।

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ब्लॉक क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों में 2.80 करोड़ रुपये से 15 गोशालाओं के विस्तारीकरण का इस्टीमेट बनाया गया है। कुछ ग्राम पंचायतों में इसका काम भी शुरू हो गया है। गोशालाओ में विस्तारीकरण के नाम पर 15 से 30 लाख रुपये के इस्टीमेट बनाए गए हैं, जिसमें सिर्फ टिन शेड बनेंगे। कई गांवों में तार फेंसिंग और भूसा घर की भी आवश्यकता है। जेई आरईएस गिरजेश चंद्र का कहना है कि मनरेगा योजना और ग्राम निधि से गोशालाओं का विस्तारीकरण किया जा रहा है। 

इन गांवों में हो रहा विस्तारीकरण
ब्लॉक क्षेत्र के गांव गररेही, इकौना, छौंक, अकबरपुर, उसरगांव, बागी, कुशमरा बावनी, परासन, पिपरायां, उकुरवा, बसरेही, मरगांया, चतेला, सुरौला, बरखेरा है। कदौरा ब्लॉक क्षेत्र में आठ न्याय पंचायत हैं। प्रति न्याय पंचायत में दो गोशालाओं का विस्तारीकरण होना है।

57 गोशालाएं और पांच हजार से अधिक गोवंश
ब्लॉक क्षेत्र में अस्थायी और स्थायी 57 गोशालाएं हैं, जिनमें पांच हजार गोवंश हैं। अब शासन ने 15 गांव की गोशालाओं को चिह्नित कर उनमें स्थित गोशालाओं का विस्तारीकरण के लिए मनरेगा योजना से इस्टीमेट बनवाकर कार्य शुरू करा दिया है, जिससे अक्टूबर से पहले कार्य पूरा हो सके।

बिना ई-टेंडर काम शुरू कराया
गोशालाओं के विस्तारीकरण से पहले ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 10 लाख रुपये से ऊपर की सामग्री में ग्राम पंचायत ई-टेंडर प्रक्रिया का पालन करें। जिम्मेदारों ने अधिशासी अभियंता  के आदेशों को दरकिनार करते हुए बिना ई-टेंडर के गोशालाओं के विस्तारीकरण का काम शुरू करा दिया है।
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विकास कार्य होंगे प्रभावित
2.80 करोड़ रुपये से गोशालाओं के इस्टीमेट बनाए गए हैं। मनरेगा में 60 प्रतिशत कच्चा और 40 प्रतिशत पक्के कार्य कराने में रुपये खर्च होता है। अब देखना है कि गांव में पक्की सड़कें, बकरी, मुर्गी पालन के लिए शेड, पंचायत घर आदि बनने का काम प्रभावित हो सकता है।
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