ड्रेसिंग और इलाज के नाम पर वसूली
इसके बाद ड्रेसिंग और इलाज के नाम पर परिजनों की जेब ढीली की। बच्ची की तबीयत सुधरने के बजाए बिगड़ती चली गई। मां और पिता उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने बच्ची की हालत गंभीर देख कानपुर रेफर कर दिया। इसके बाद दोनों आनन फानन कानपुर के लिए निकले।