नगरीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लालबहादुर ने बताया कि ठंड के मौसम में कुत्ते अधिक हिंसक हो जाते हैं, चिड़चिड़े भी हो जाते हैं। ऐसे में यदि कुत्ते की ओर घूरकर देखने भर से उन्हें असुरक्षा का अहसास होता है और वह हमलावर हो जाते है। साथ ही यह मौसम उनके प्रजनन का भी होता है, जिससे कुत्तों के हमले के मामले में लगातार वृद्धि हो रही। ऐसे में लोगों को आवारा कुत्तों से दूर रहना चाहिए।
जनवरी से अब तक टीबी के 34 नये रोगी मिले
शुक्लागंज नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 41 दिनों में 34 नए टीबी के मरीज मिले हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पीएचसी का कहना है कि सर्दियों में मरीजों की संख्या में इजाफा होता है, क्योंकि ग्रसित मरीज यदि एक ही कमरे में स्वस्थ मरीज के साथ सोता है तो उसे भी संक्रमण होगा।
कानपुर और उन्नाव से रेफर हैं आधे मरीज
पीएचसी प्रभारी डॉ. रवि प्रकाश सचान ने बताया की बीते एक साल में इतने कम दिनों में अधिक मरीज मिलने का यह इस साल का पहला मामला है। जनवरी माह में 24 व एक से दस फरवरी के बीच दस नए मरीज टीबी के मिले हैं। टीबी पर्यवेक्षक विपिन पांडेय पांडे ने बताया कि इनमें से आधे मरीज कानपुर और उन्नाव जिला अस्पताल से रेफर किए हुए हैं, जो शुक्लागंज के रहने वाले है। पीएचसी में 162 टीबी मरीजों का उपचार किया जा रहा है।