उन्होंने अंदर जाकर देखा, तो नल की टोटी पर प्रयोग के दस्ताने पड़े मिले। सीएमएस को निर्देश दिए कि जो चीज प्रयोग की जाए इधर-उधर न फेंका जाए। उसको सही प्रक्रिया से डिस्पोज कराया जाए। इमरजेंसी का निरीक्षण करने के बाद सीधे ओपीडी पहुंचे, वहां भी मरीजों से बात की और दवाओं की जानकारी ली।
वहीं, मरीजों के पीने के लिए बनी टंकी की टोटी दबाई, तो उसमें गर्म पानी आता देख उनका पारा चढ़ गया। सीएमएस को निर्देश दिए की ठंडे पानी की व्यवस्था की जाए, किसी भी नल में गर्म पानी नहीं आना चाहिए। उसके बाद वह सीधे सीएमएस के कक्ष में पहुंचे वहां डॉक्टरों का सीएल और ईएल रजिस्टर मंगा कर चेक किया। जिला अस्पताल से पहले वह नवाबगंज सीएचसी पहुंचे, वहां भी सफाई व्यवस्था के साथ उपस्थित रजिस्टर चेक किया।