कानपुर देहात। अगवासी गांव की हाईस्कूल छात्रा साक्षी ने फीस के पैसे नहीं होने पर गुरुवार को फंदा लगाकर जान दे दी थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने कहा कि साक्षी चार फरवरी को प्रवेश पत्र लेने गई तो शिक्षक ने फीस जमा कराने की बात कही थी। इसके बाद वह लौट आयी थी।
अगवासी गांव निवासी श्रीपाल मजदूरी करता है। उसकी पत्नी की आठ साल पूर्व मौत हो चुकी है। इकलौती बेटी ननिहाल खासबरा में रहती थी। इधर श्रीपाल के साथ मां जमुना देवी रहती हैं। ननिहाल से जब साक्षी घर आयी तो दादी जमुना देवी मडनापुर निवासी बेटी के यहां किसी काम से चली गई।
इधर फीस का इंतजाम नहीं होने पर अवसाद में उसने गुरुवार सुबह फंदा लगा लिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस में चचेरे भाई अंकुश उर्फ गोरे ने बताया कि चार फरवरी को साक्षी प्रवेश पत्र लेने गई थी तो वहां शिक्षक ने फीस बकाया होने की बात कही।
इसके बाद वह घर लौटी और गुमसुम थी। प्रवेश पत्र नहीं मिला इसकी जानकारी उसने नहीं दी। इधर ताऊ देशराज ने बताया कि श्रीपाल का राशन कार्ड भी नहीं बना है। अनहोनी से परिवार टूट गया है। इधर पोस्टमार्टम के बाद शव का परिजन में यमुना नदी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।