पुखरायां आउटर पर कैची का निरीक्षण करते सीआरएस। संवाद
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पुखरायां। झांसी-कानपुर रेल लाइन में चौरा से पुखरायां होते हुए मलासा रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक दोहरीकरण और इंटरलॉकिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सीआरएस (मुख्य संरक्षा आयुक्त) ने मंगलवार को कार्य का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया।
पुखरायां स्टेशन के पास पटरियों में दूरी और कैंची में सुधार करने का निर्देश दिया। नव निर्मित भवन में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से ट्रेनों का संचालन करने की कार्यप्रणाली का उद्घाटन किया। सीआरएस शाम को मलासा स्टेशन पहुंचे। यहां से छह बजकर 50 मिनट पर स्पेशल ट्रेन को ट्रायल के लिए चौरा तक रवाना किया।
रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ मंगलवार की सुबह नौ बजकर 30 मिनट पर चौरा स्टेशन पर अधिकारियों के साथ पहुंचे। जहां ढाई घंटे रुककर पटरी के दोहरी करण का निरीक्षण किया। इसके बाद लखनऊ से मंगाई गई स्पेशल सात ट्रॉलियों से जांच करने निकले। इस दौरान सभी क्रासिंगों पर रुककर जांच की।
हलधरपुर क्रॉसिंग घाटमपुर रोड पर कुछ पटरी के किनारों पर सुधार करने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद पुखरायां से मीरपुर क्रॉसिंग होकर मंडी रोड क्रासिंग पहुंचे। यहां आउटर में पटरी की कैंची सही नहीं दिखी, जिस पर सुधार करने को कहा।
पुखरायां रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित भवन में ट्रेनों के संचालन के लिए लगाई गई इलेक्ट्रानिक तकनीक का उद्घाटन किया। अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करके मलासा स्टेशन पहुंचे। जहां से दलेलनगर, गदाई खेड़ा, हांसेमऊ, छतेनी, डीघ क्रॉसिंग का निरीक्षण किया।
खामियों के दूर होने के बाद मलासा स्टेशन से शाम छह बजकर 50 मिनट पर स्पेशल ट्रेन को चौरा स्टेशन के लिए रवाना किया। दोहरी करण पथ का सफल ट्रायल होने पर कर्मचारी खुश नजर आए। अधिकारियों ने बताया कि एक दो दिन में रेलपथ के संचालन की अनुमति मिल सकती है।