कानपुर में समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद हसन रूमी के भाई मो. फुरकान का डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस निरस्त हो जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस संस्तुति पर सुनवाई करते हुए पिछले महीने फुरकान का लाइसेंस निलंबित करते हुए असलहा स्थानीय थाने में जमा कराने के आदेश दिए थे।
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साथ ही उसे आठ जून तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे। आदेश में साफ किया गया था कि अगर तय तारीख तक जवाब दाखिल न हुआ, तो कोर्ट एकतरफा कार्रवाई के आदेश पारित कर देगा। चूंकि तय तारीख तक फुरकान की तरफ से कोई जवाब दाखिल नहीं हुआ है। ऐसे में अब इस बात की पूरी संभावना है कि कोर्ट पुलिस के लगाए आरोपों को सही मानते हुए असलहा लाइसेंस खारिज कर सकती है।
बता दें कि कोर्ट ने यह आदेश चकेरी पुलिस और अपर पुलिस आयुक्त अपराध की संस्तुति पर किया था। पुलिस ने फुरकान के लाइसेंस को निरस्त करने के लिए जो संस्तुति की है, उसमें सिर्फ आईपीसी की धारा 323 व 504 (मारपीट, गाली गलौज) में दर्ज एनसीआर को बेस बनाया गया है।
संस्तुति में कहा गया था कि लाइसेंसी आपराधिक किस्म का व्यक्ति है और आए दिन लाइसेंसी शस्त्र के दम पर मारपीट-झगड़ा करने का अभ्यस्त है। इस वजह से उसके पास लाइसेंसी शस्त्र रहना उचित नहीं है।