बेसमेंट, ग्राउंड प्लस तीन मंजिला व्यवसायिक निर्माण हो रहा था। जिसे ध्वस्त करने के लिए सुबह से ही विशेष कार्याधिकारी अवनीश सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार अजीत सिंह सहित संपत्ति विभाग की टीम, प्रवर्तन दस्ता, दो बुलडोजर, पुलिस फोर्स, आरआरटी सहित मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों ने विरोध करने की कोशिश की पर भारी संख्या में फोर्स की वजह से पीछे हट गए।
केडीए के विशेष कार्याधिकारी ने बताया कि मोहम्मद इश्तियाक ने नक्शे के विपरीत अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण कराया था। अवैध निर्माण स्वयं ध्वस्त करने के लिए पूर्व में नोटिस दी गई थी, पर भवन स्वामी ने ऐसा नहीं किया। इसीलिए प्राधिकरण ने इसे ध्वस्त किया। भवन के आगे और गली की तरफ का हिस्सा तोड़ा गया।
निर्माणाधीन पेट्रोल पंप तोड़ा, बवाल से तार जुड़े होने की आशंका
केडीए प्रवर्तन दस्ते ने आराजी संख्या-729 सिंहपुर मंधना मार्ग पर गंगा बैराज हाईवे के किनारे बैकुंठपुर गांव के पास मोहम्मद रिजवान की तरफ से बनवाए जा रहे पेट्रोल पंप पर भी बुलडोजर चलाए। यहां बाउंड्री का निर्माण और मिट्टी की भराई का काम चल रहा था।
हाईवे से पेट्रोल पंप तक पहुंचने के लिए अवैध रैंप भी बना लिया गया था, जिसे तीन बुलडोजरों ने तोड़ दिया। केडीए के ओएसडी अवनीश सिंह के अनुसार रिजवान ने प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत नहीं कराया था, जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
बैंकुंठपुर निवासी रिजवान अहमद का दावा है कि उनकी साइट ग्रामीण क्षेत्र में है, इसका जिला पंचायत से नक्शा भी पास है। बिना सूचना के केडीए ने कार्रवाई की है। उन्होंने हयात जफर हाशमी के संपर्क में होने से साफ इनकार किया है।
केडीए सचिव के बंगले के सामने होता रहा अवैध निर्माण
मोहम्मद इश्तियाक छह महीने से भी ज्यादा समय से जिस परिसर में अवैध निर्माण करा रहा था, वह केडीए उपाध्यक्ष शत्रोह्न वैश्य के बंगले के ठीक सामने है, फिर भी आवासीय नक्शे की आड़ में वहां अवैध रूप से बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर तीन मंजिलों में हॉल बनवाए गए, पर मिलीभगत के चलते कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी कर खानापूरी की गई थी।