मकरनपुर सजेती निवासी वीरेंद्र सिंह भी इसमें शामिल था। वीरेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं अर्मापुर इस्टेट में वजीर सिंह व उनके बेटे सतनाम सिंह की हत्या कर शव जलाए गए थे। इसमें उन्नाव निवासी उमाशंकर को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के दो आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। डीआईजी ने बताया किसर्विलांस की मदद से आरोपी पकड़े गए हैं।
राघवेंद्र का करीबी है वीरेंद्र, इशारे पर मारा था
एसआईटी की जांच में सामने आया कि आरोपी वीरेंद्र पूर्व मंत्री के भतीजे राघवेंद्र का बेहद करीबी है। यह बात उसने खुद स्वीकार की है। दावा है कि जब राघवेंद्र दंगाइयों की भीड़ लेकर निराला नगर पहुंचा था तो साथ में वीरेंद्र भी था। उसके इशारे पर सिखों का नरसंहार शुरू कर दिया था। हत्या करने के बाद उसने डाका भी डाला था। इसलिए उसको डकैती की धारा में भी आरोपी बनाया है।
पहले घेरा था और फिर दाखिल हुए थे
अर्मापुर इस्टेट की वारदात में शामिल आरोपी उमाशंकर ने बताया कि भीड़ ने पहले वजीर सिंह के क्वार्टर को घेर लिया था। उसके बाद घर के भीतर सभी दाखिल हुए थे। एक एक कर दोनों की हत्या कर शव जला दिए गए थे। सामान, नकदी, जेवरात लूटकर सभी फरार हो गए थे।