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यतीमखाना मामला: दोनों भाई दिखाते थे अश्लील वीडियो, करते थे ब्लैकमेल, पीड़िता ने कुछ ऐसे सुनाई आपबीती

Thu, 18 Aug 2022 09:48 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

यतीमखाना में रहने वाली किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में दोनों सगे भाइयों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं, मामले में आरोपियों की मां की भी भूमिका उजागर हुई है और उसे भी बेटों की करतूत छिपाने पर आरोपी बनाया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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पहले कुछ दिनों तक छेड़छाड़ की। विरोध किया तो बदनाम करने की धमकी दी। उसके बाद कथित भाई दाउद ने दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो दिखाए। दाउद का बड़ा भाई सऊद भी धमकी देकर व ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने लगा। दो साल तक दोनों यह करतूत करते रहे। मैं डर की वजह से खामोश रही। इस बार जब पिता से मुझे नहीं मिलने दिया गया तो मैंने खुदकुशी करने का प्रयास किया लेकिन मैं बच गई। इसलिए अब पूरी सच्चाई बताई। दुष्कर्म पीड़िता ने बयानों में पुलिस को पूरी आपबीती बताई।

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11 से 13 साल की उम्र तक उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने कहा कि वह चाहती थी कि सौतेले माता-पिता से उनके बेटों की करतूत बता दें लेकिन वह दहशत में थी। आरोपी धमकी देते थे कि अगर शिकायत की तो घर से निकाल दिया जाएगा। इसलिए वह चुप्पी साधी रही।  पीड़िता ने कहा कि आखिर में जब वह हिम्मत हार गई थी, तो मदरसा में पढ़ाने वाले शिक्षक से आपबीती साझा की थी। आखिर वहीं हुआ जो आरोपी कहते थे। परिवार वालों ने उसे ही निकालकर यतीमखाना में डाल दिया था।

बेटों के बजाय पीड़िता को धमकाया था
पीड़ित किशोरी ने बताया कि मदरसा शिक्षक ने तत्काल उनके परिजनों को बताया था। शिक्षक के सामने तो सऊद व दाउद की मां शाहजहां ने आश्वासन दिया था कि वह बेटों को सबक सिखाएंगी लेकिन ऐसा नहीं किया। वह पीड़िता पर ही बिफर गई थीं। उसको डराया और धमकाया। यह भी कहा कि किसी को भी दुष्कर्म की बात न बताएं। इसलिए बच्ची इतने दिनों तक खामोश रही।

बता दें कि कानपुर के यतीमखाना में रहने वाली किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों सगे भाइयों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां वह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों की मां ने पीड़िता को अवैध तरीके से गोद लिया था। कानपुर यतीमखाना प्रशासन से तथ्य छिपाए और घटना से संबंधित साक्ष्य भी मिटाए।

इसलिए पुलिस ने उसको भी आरोपी बनाया है। हिरासत में लेकर महिला से पूछताछ जारी है। नाला रोड निवासी महबूब (एक साल पहले निधन हो चुका है) व उनकी पत्नी शाहजहां ने बांदा के यतीमखाना से 2015 में नौ साल की बच्ची को गोद लिया था। दो वर्ष बाद दंपती के बेटे दाउद व सऊद बच्ची के साथ दुष्कर्म करने लगे थे। जानकारी होने पर 2019 में दंपती ने कानपुर के यतीमखाना में बच्ची को डाल दिया था।
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बीती 14 अगस्त की रात को पिता से न मिलने देने पर बच्ची ने हाथ की नस काट ली थी। तब उसने दुष्कर्म समेत पूरी आपबीती बताई थी, जिसके बाद मंगलवार को बजरिया पुलिस ने दाउद व सऊद के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर देर रात गिरफ्तार कर लिया था। बजरिया इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपियों से कई घंटे की पूछताछ की गई। दुष्कर्म की बात आरोपियों ने कबूल की है। पूछताछ के बाद आरोपी जेल भेजे गए हैं। 
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