करीब दो साल पहले मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया, लेकिन परिवहन मंत्री से बस अड्डे को हरी झंडी दिखाने की बात फाइनल हुई। इस उद्घाटन कार्यक्रम की कई बार रूपरेखा तैयार हुई, लेकिन किसी न किसी कारण से बात पक्की नहीं हो सकी। बस अड्डे से लखनऊ, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बिधूना के लिए रोडवेज की बसें चलाने का प्लान बनाया गया। इससे न सिर्फ झकरकटी बस अड्डे पर बसों का भार कम होता, बल्कि लखनऊ के लिए वाया जाजमऊ की जगह गंगा बैराज वाला रूट निर्धारित रहता।
खाका खींचा गया, लेकिन मुख्य अतिथि नहीं मिले
इस रूट से लखनऊ का सफर करीब आधे घंटे कम होता है। सिग्नेचर सिटी बस अड्डे को सैटेलाइट बस अड्डे के रूप में विकसित किया गया है। यहां से फर्रुखाबाद, कन्नौज के लिए जाने वाले यात्रियों को सहूलियतें मिलतीं। साल 2024 की शुरुआत में एक बार फिर बस अड्डे को संचालित करने का खाका खींचा गया, लेकिन मुख्य अतिथि नहीं मिले। फिर मार्च में बसों को संचालित करने की योजना बनी।
आचार संहिता लागू होने से एक दिन पर कर दिया चालू
इसमें सांसदों और विधायकों को शामिल कराकर भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। शुक्रवार को लगभग तय हो गया था कि शनिवार को चुनावी कार्यक्रम घोषित हो जाएगा और इसके साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके चलते एक दिन पहले ही इसे चालू कर दिया गया। बसें सुबह साढ़े पांच बजे से शाम साढ़े सात बजे तक चलेंगी।
होली से लखनऊ के लिए होंगी संचालित
होली में यात्रियों की भीडृ को देखते हुए सिग्नेचर सिटी बस अड्डे से लखनऊ के लिए बसें संचालित की जाएंगी। यह वाया गंगा बैराज होकर जाएंगी। झकरकटी बस अड्डे को सिग्नेचर सिटी से जोड़ने के लिए चार ई-बसों की सुविधा शुरू की जा रही है। ये बसें रविवार से संचालित हो रही हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए सिग्नेचर सिटी बस अड्डे से बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में बिधूना के लिए 17 बसें चलाई जा रही हैं, जबकि होली के आसपास लखनऊ के लिए बसें चलाई जाएंगी। अभी किसी तरह का कोई उद्घाटन नहीं हुआ है। -अनिल कुमार, आरएम रोडवेज