दोबारा भेज दिया गया था जेल
बचाव पक्ष की ओर से झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा गया। कोर्ट में बताया गया कि शौकत को जाजमऊ आगजनी मामले, गैंगस्टर मामले व एक अन्य मुकदमे में जमानत मिल चुकी थी। जेल से रिहाई का परवाना भी पहुंच गया था। रिहाई से पहले ही उसके खिलाफ एक फर्जी मुकदमा दर्जकर उसे दोबारा जेल भेज दिया गया।
छह मुकदमे दर्ज होने की बात कही
वहीं, अभियोजन की ओर से शौकत को शातिर अपराधी बताकर उसके खिलाफ छह मुकदमे दर्ज होने की बात कही गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शौकत की जमानत अर्जी खारिज कर दी।