खरीद-बिक्री में अनियमितता मिलने के बाद हुई कार्रवाई
जांच में पता चला कि कंपनी संचालकों ने बोगस खरीद पर आईटीसी क्लेम की, स्टाक में बड़े पैमाने पर अंतर मिला। इसी तरह जीएसटीआर एक और तीन बी में अंतर मिला। ई-वे बिल के दुरुपयोग के दस्तावेज मिलने के बाद छापा मारा गया। टीमों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए हैं। आगे की कार्रवाई चल रही है। एसजीएसटी के अपर आयुक्त ग्रेड एक शशांक मिश्रा ने बताया कि संचालकों ने 3.92 करोड़ नकद, 3.55 करोड़ की क्रेडिट समेत 7.47 करोड़ जमा किया है। आईटीसी, रिटर्नों और खरीद-बिक्री में अनियमितता मिलने के बाद कार्रवाई की गई।