डीएम की चौखट तख्ती डालकर जिंदा होने का प्रमाण देने पहुंचे थे बुजुर्ग
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महोबा जिले में कागजों में मृत दर्शाकर छह बुजुर्गों की पेंशन बंद किए जाने के मामले में डीएम के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम गठित की गई। बुधवार को टीम ने ब्लॉक कबरई के पचपहरा गांव पहुंचकर पीड़ितों के बयान दर्ज किए। दोपहर बाद अफसरों ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी। लापरवाही उजागर होने पर पूर्व में तैनात रहे सचिव को डीएम ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पीड़ित बुजुर्गों की पेंशन बहाल कराई गई।
बता दें कि पचपहरा निवासी वृद्ध सरमन, नंदकिशोर, राकेश, कलिया, गिरजारानी और सुरजी मंगलवार को गले में साहब मैं जिंदा हूं की तख्ती लटकाकर डीएम मनोज कुमार की चौखट पहुंचे थे। उन्होंने स्वयं के जिंदा होने का प्रमाण देते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही, आरोप लगाया था कि पूर्व में तैनात रहे सचिव विक्रमादित्य ने पेंशन सत्यापन के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग की थी। न देने पर उन्हें कागजों में मृत दर्शा दिया गया, जिससे उनकी पेंशन डेढ़ साल से बंद है। इस मामले में डीएम ने सीडीओ को जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए थे।