फर्रुखाबाद के 33 मदरसों व स्कूलों में बिना छात्रावास के ही 1565 बच्चों की हॉस्टलर छात्रवृत्ति आहरित कर ली गई। मामले से पर्दा उठा तो जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसा व स्कूल संचालकों को छात्रवृत्ति रिकवरी का पत्र भेजकर एफआईआर कराने व स्कूल की मान्यता रद्द करने का अल्टीमेटम दिया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से चलने वाले किसी भी मदरसे या स्कूल में छात्रावास नहीं है। मदरसा में कक्षा एक से 10 तक 3300 रुपये व कक्षा 11 व 12 में 5700 रुपये तक छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन होता है। इस बार वजीफे के फार्म भरे गए तो 33 मदरसों व स्कूलों से 1565 छात्रों के नाम से हॉस्टलर छात्रवृत्ति के आवेदन किए गए।
खेल से पर्दा उठा तो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा व स्कूल संचालकों को पत्र जारी कर दिया
ये आवेदन बीईओ ने बिना सत्यापन के ही आगे भेज दिए। इसके बाद हॉस्टलर छात्रों की छात्रवृत्ति सामान्य छात्रों से छह हजार रुपये अधिक आने पर आहरित कर ली गई। इस खेल से पर्दा उठा तो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा व स्कूल संचालकों को पत्र जारी कर दिया।
इसमें निर्देश दिए कि बिना छात्रावास अवैधानिक रूप से ली गई छात्रवृत्ति की रिकवरी कराकर शासन के नोशनल खाते में जमा कराएं। अन्यथा गलत तरीके से धनराशि निकालने में संलिप्तता मानते हुए संचालक व प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मकरंद प्रसाद ने बताया कि किसी मदरसे व स्कूल में छात्रावास नहीं है
खास बात तो यह है कि दो मदरसों ने पत्र लेने से मना कर दिया जबकि स्वामी विवेकानंद आदर्श जूनियर हाईस्कूल ढूंढे ही नहीं मिल रहा है। इसमें भी तीन छात्रों की हॉस्टलर छात्रवृत्ति निकाली जा चुकी है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मकरंद प्रसाद ने बताया कि किसी मदरसे व स्कूल में छात्रावास नहीं है।
इसके बावजूद हॉस्टलर छात्रवृत्ति लेने वाले मदरसों को पत्र जारी कर रिकवरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। रिकवरी न होने पर संचालक व प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर के साथ मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। मतगणना के बाद सख्ती से निपटा जाएगा।