डॉ. प्रभात सिन्हा ने कहा कि राजनीति और जनता के अधिकारों की बात होती है, तो लगता है दाल में कुछ काला है। लगता है चुनाव आने वाला है। वादे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन कोई पूरा नहीं करता है। बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है। अराजकता भी इसी से निकलकर आती है।
खेलों पर विशेष ध्यान दिया गया
कुशमेश कुमार ने कहा कि सरकार ने बहुत अच्छे काम किए हैं। खासकर खेलों पर विशेष ध्यान दिया गया है। हालांकि, कुछ मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर सबको ध्यान देना चाहिए। इनमें पर्यावरण सरंक्षण विशेष हैं। सरकार के मैनिफेस्टो में रोजगार का कहीं जिक्र नहीं है। बाकी राम मंदिर, जातिवाद, हिंदू-मुस्लिम सबकुछ हैं।
सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार
अमन सिंह ने कहा कि जो सरकार हमारे बेहतर भविष्य के लिए काम करेगा, हम उसे ही वोट देंगे। वहीं, दीपक शर्मा ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार ही है। आयुष श्रीवास्तव ने कहा कि सालों में एक वैकेंसी आती है और पेपर लीक हो जाता है। इससे युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शाम पांच बजे राजनीतिक दलों से चर्चा
चाय पर चर्चा और युवाओं से बात के बाद अब शाम पांच बजे पार्कव्यू पैलेस, बाबूगंज में राजनीतिक दलों से चर्चा की जाएगी। amarujala.com, अमर उजाला के यूट्यूब चैनल और फेसबुक चैनल पर आप ''सत्ता का संग्राम'' से जुड़े कार्यक्रम और चर्चा लाइव देख सकेंगे। ''सता का संग्राम'' से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में भी पढ़ सकेंगे।
2019 में साक्षी महाराज ने दर्ज की थी जीत
बता दें कि उन्नाव लखनऊ तथा कानपुर के बीच में स्थित है। 2019 में यहां से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी साक्षी महाराज ने जीत दर्ज की थी। वहीं, अन्नू टंडन सपा व कांग्रेस गठबंधन की प्रत्याशी हैं। इसके अलावा बसपा से अशोक पांडेय मैदान में हैं।
मोदी की गारंटी से तीसरी बार जीत का दावा
फिलहाल दो चुनावों में लंबे अंतर से मिली जीत से साक्षी महाराज उत्साह से भरे हुए हैं। मोदी की गारंटी से वह फिर से तीसरी बार चुनाव जीतने का दावा कर रहे हैं। वहीं, अन्नू टंडन सपा कांग्रेस में गठबंधन होने का फायदा मिलने की उम्मीद लगा रही हैं। बसपा प्रत्याशी अशोक पांडेय परंपरागत कैडर व सवर्ण वोटों के आधार पर जीत पक्की मान रहे हैं।