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सत्ता का संग्राम: इत्रनगरी में घूमा चुनावी रथ... विकास के नाम पर सपा और भाजपा नेताओं के बीच हुई जोरदार बहस

Thu, 11 Apr 2024 05:52 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' गुरुवार को कन्नौज के यूपीटी परिसर पहुंचा। इस दौरान विकास के नाम पर सपा-भाजपा के नेताओं के बीच जोरदार बहस हुई।
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अमर उजाला सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिनोंदिन बढ़ते तापमान के साथ ही सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है। राजनीतिक दल और नेता प्रचार में जुटे हुए हैं। जनता के मन में क्या है, यह जानने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ गुरुवार को कन्नौज पहुंचा। पूरे विश्व में इत्रनगरी के नाम से मशहूर कन्नौज की लोकसभा सीट पर अभी भी असमंजस है, लेकिन इसके बावजूद चुनावी मुद्दों पर लोगों ने बेबाक होकर राय रखी। शाम पांच बजे यूपीटी में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी उपलब्धियों के पुल बांधे। तीखे सवालों के जवाब भी लिए गए। सत्तापक्ष काम गिनाता रहा और विपक्ष ने उसकी आलोचना की। आखिर में सभी से मतदान करने का आह्वान किया गया, जिस पर ताली बजाकर सभी ने सहमति जताई।
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कन्नौज के यूपीटी में सत्ता का संग्राम कार्यक्रम के दौरान सपा और भाजपा के नेताओं के बीच विकास को लेकर जोरदार बहस हुई। सपा का खेमा जहां इस आरोप के साथ हमलावर रहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते कन्नौज में विकास के ढेरों काम हुए और भाजपा ने उसमें रोड़ा लगाया। इस पर भाजपा ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ सभी वर्ग को मिलने का दावा किया। सपा की ओर से कौन होगा चेहरा...इस सवाल के जवाब में सदर सीट से पूर्व विधायक कलियान सिंह दोहरे ने कहा कि सपा का चुनाव निशान साइकिल है। वही हमारा प्रत्याशी है।

हम उसी को लेकर मैदान में हैं। भाजपा का पक्ष रखते हुए जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाने की बात कही। कहा लाभार्थी वर्ग भाजपा के साथ खड़ा है। उनके इस तर्क पर सपा की शशिमा सिंह ने तिर्वा तहसील में रिश्वत न देने पर आवास न मिलने से एक घर की दीवार गिरने से दो मासूम भाइयों की मौत की बात उठाई। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने मेडिकल कॉलेज के नाम से डॉ. बीआर आंबेडकर का नाम हटाने पर कटाक्ष किया।

इस पर सपा के प्रदेश सचिव आकाश शाक्य ने कहा कि बसपा की मुखिया को अपशब्द कहने वाले दयाशंकर सिंह को भाजपा ने कैबिनेट मंत्री बना रखा है। इस तर्क-वितर्क के बीच दोनों पक्ष से तीखे सवाल उछाले जाने लगे। भाजपा के मीडिया प्रभारी शरद मिश्र ने सपा सरकार में लचर कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया। जवाब में सपा के सदर विधानसभा अध्यक्ष पीपी सिंह ने भाजपा सांसद पर तहसीलदार और पुलिसकर्मियों की पिटाई का आरोप लगाया। इस पर दोनों पक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष ने सरकार की ओर से कराए गए कल्याणकारी योजनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा देना शुरू किया तो सपा नेता आकाश शाक्य ने मेडिकल कॉलेज में पिछले सात साल के दौरान आईसीयू शुरू न होने और कैंसर अस्पताल को संचालित न करने की बात कही।
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भाजपा की ओर से गोविंद दुबे ने नीरज मिश्र हत्याकांड को उठाते हुए बाबू कल्याण सिंह के अंतिम दर्शन में न जाने पर सपा मुखिया को घेरा। इस पर सपा की ओर से आकाश शाक्य ने तिर्वा में रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा लगाने के दौरान उसे हटवाने के मुद्दे को उठाया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप को नकारते हुए कहा कि सांसद और विधायक की कोशिश से ही प्रतिमा लगी है। इस दौरान भाजपा की ओर से अभिषेक पांडेय, छोटू यादव, अर्जुन दुबे, अनुराग तिवारी, विशाल यादव, नितिश तिवारी, चंदन बाजपेई, राहुल मिश्र आदि ने अपना-अपना पक्ष रखा। सपा की ओर से हसीब हसन, अंशू पाल, नेम सिंह यादव, भानू प्रताप सिंह, राजेश यादव, शकील अहमद, बीपी सिंह यादव, अनिरुद्ध यादव, दीपक दोहरे, रंजीत कुशवाहा,बबली दोहरे ने अपना-अपना पक्ष रखा।
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