अस्पतालों में लिवर रोगियों की संख्या अधिक
डॉ. गुप्ता ने बताया कि गुर्दा रोगियों में शराब पीने की हिस्ट्री नहीं मिली है। इनमें ज्यादातर वे रोगी हैं, जिनका सीरम क्रेटेनिक 1.5 के आसपास था। लेकिन गर्मी में पानी और नमक की कमी होने से तीन पर पहुंच गया। लिवर के रोगियों की संख्या अधिक है।
एक बूंद शराब भी लिवर के लिए नुकसानदेह
इनमें ज्यादातर में शराब की लत की हिस्ट्री मिल रही है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि लिवर अगर पहले से कमजोर रहता है तो इस तरह की प्रतिकूल परिस्थिति में एक्यूट फेलयर में चला जाता है। सीनियर गैस्ट्रोइंटोलॉजिस्ट डॉ. विनय कुमार के मुताबिक एक बूंद शराब भी लिवर के लिए नुकसानदेह है।
लिवर और गुर्दा फेल होने से हुई मौत
बिधनू के रहने वाले मुकेश (55) की लिवर फेल होने से मौत हो गई। उन्हें एक निजी अस्पताल से हैलट रेफर किया गया था। मुकेश लिवर सिरोसिस के रोगी थे। इसी तरह एसजीपीजाई में डायलिसिस करा रहे गुर्दा रोगी नौबस्ता के रफीक (60) की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि सुबह से उन्हें मिचली आ रही थी।
डिहाइड्रेशन से गुर्दे हो जाते हैं फेल
हालत बिगड़ी, तो क्षेत्र के निजी अस्पताल ले गए, वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि गर्मी में पानी के साथ पोटेशियम, सोडियम, मैगनेजियम और मिनरल्स की कमी होती है। डिहाइड्रेशन से गुर्दे फेल हो जाते हैं।