मिलावटी शराब पीने से लोगों की मौत पर फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने कानून में बदलाव किया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को शराब में मिलावट की जांच के लिए नमूने भरकर जांचने का अधिकार दिया गया है। पूरे देश में यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू हो गई है। कई प्रदेशों में नमूने भरे जाने लगे हैं, लेकिन प्रदेश में नई व्यवस्था लागू कराने का आदेश प्रमुख सचिव स्तर पर लटका है।
मालूम हो कि बाराबंकी में मिलावटी शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई है। इससे पहले कानपुर और कानपुर देहात में मिलावटी शराब से 25 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश में आए दिन मिलावटी शराब पीने से लोगों की मौत पर ‘अमर उजाला’ सवाल उठाता रहा था कि गुणवत्ता परखने के लिए शराब के नमूने क्यों नहीं भरे जाते।