सर, पहले कच्चा मकान था, अब पक्का हो गया है। बहुत खुश हूं। यह बात प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की लाभार्थी रामजानकी पाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नगर निगम में वर्चुअल हुए संवाद में कही। पीएम ने उनसे पूछा था कि योजना का लाभ मिलने के बाद कैसा महसूस कर रही हैं।
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उस्मानपुर गांव में रहने वाली रामजानकी और इसी इलाके में रहने वाले अनुज कुमार का नाम पीएम से बातचीत करने के लिए चुना गया था। रामजानकी की बात पीएम से कराई गई। करीब ढाई मिनट की बातचीत में पीएम मोदी ने उनसे घर परिवार के अलावा विभिन्न योजनाओं के लाभ लेने के बारे में पूछा।
रामजानकी ने वर्ष 2018 में पीएम आवास योजना शहरी के लिए आवेदन किया था। वर्ष 2019 में इन्हें योजना का लाभ दिया गया था। दो वर्ष में योजना के तहत तीन किस्तों में 2.50 लाख रुपये इनके खाते में भेजे गए थे। उन्होंने 50 वर्ग गज की पुस्तैनी जमीन पर दो खंड का मकान बनवाया है। अभी तक यहां पर बने कच्चे मकान में वह रहती थीं।
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दूसरा खंड बनवाने के लिए उन्होंने भाई से एक लाख रुपये लिए थे। उन्होंने बताया कि आवेदन के बाद उनको कई बार धनराशि के लिए डूडा विभाग के चक्कर काटने पड़े। नगर निगम में हुए कार्यक्रम में जिलाधिकारी विशाख जी., नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन, अपर नगर आयुक्त अरविंद कुमार राय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दूध बेचकर पढ़ा रहीं बच्चों को
रामजानकी ने बताया कि पति लाल जी गांव से दूध खरीदकर लाते हैं। उसे हम दोनों घर-घर तक पहुंचाते हैं। रोज 40 से 50 लीटर दूध की बिक्री करते हैं। उन्होंने बताया कि इसी से होने वाली कमाई से परिवार का खर्च चलता है। बड़ा बेटा नीलेश बीए, बेटी नैंसी बीएससी और सबसे छोटा बेटा नितिन इंटर में है।
अनुज लगाते हैं फेरी, बेचते हैं प्लास्टिक का सामान
उस्मानपुर में ही रहने वाले अनुज कुमार को पीएम से बात न कर पाने का मलाल है। हालांकि योजना के तहत धनराशि मिलने के बाद 40 वर्ग गज की जमीन में दो कमरे का मकान बनवाकर वह बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि वह साइकिल पर प्लास्टिक का सामान (बाल्टी, टब आदि) रखकर गलियों में फेरी लगाते हैं। नगर निगम और डूडा के अधिकारियों ने अनुज को भी प्रतीकात्मक चाभी सौंपी।
पीएम- आपका का क्या नाम है?
- सर, रामजानकी।
पीएम- आपका मकान कब बना, कोई तकलीफ तो नहीं हुई ?
- सर, एक वर्ष हो गया, कोई तकलीफ नहीं हुई।
पीएम- अच्छा, ये बताएं कि आप क्या काम करतीं है?
- सर, दूध बेचते हैं, पति गांव से खरीदकर लाते हैं, इसके बाद हम दोनों घर-घर पहुंचाते हैं।
पीएम- अच्छा, आपको और कौन सी योजना का लाभ मिला?
- सर, हमें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार का लोन मिला था। उसे अपने व्यापार में लगाया है।
पीएम- ये 10 हजार रुपये मोबाइल से डिजिटल लेनदेन करने के लिए दिए जाते हैं, आपने डिजिटल लेनदेन किया?
- जी, सर करते हैं, अभी दो चार बार ही कोशिश की है।
पीएम- देखिए, माताएं-बहनें कितना सच बोलती हैं, आपने सच बोल दिया। ये बहुत अच्छी बात है। इसे और ज्यादा करने का प्रयास कीजिए।
- हां, सर।
पीएम- बच्चे पढ़ाई करते हैं कि नहीं?
रामजानकी- हां, सर।
पीएम- बहुत अच्छा, आपको बहुत शुभकामनाएं, कानपुर में जिन लोगों को आवास मिला, सबको बहुत-बहुत बधाई।