पहले आर्यनगर में रहते थे। सालों पहले दिल्ली चले गए और कारोबार अहमदाबाद शिफ्ट कर दिया। यह फर्म सभी प्रमुख पान मसाला कारोबारियों को बड़े पैमाने पर तंबाकू सप्लाई करती है। फर्म के संचालक केके मिश्रा उर्फ मुन्ना मिश्रा हैं। उनका बेटा शिवम मिश्रा कारोबार देखता है। दिल्ली स्थित आवास से 4.5 करोड़ की नकदी और 2.5 करोड़ के गहने जब्त किए जा चुके हैं।
हीरों की जांच के लिए विशेषज्ञों को बुलाया
इसके अलावा बेटे के आवास से रोल्स रॉयस फैंटम, फेरारी, लेम्बोर्गिनी, मिर्सिडीज, मैकलॉरेन, पोर्शे जैसी महंगी कारें मिली थीं। रोलेक्स कंपनी की पांच घड़ियां भी मिली हैं।एक घड़ी की कीमत 2.5 करोड बताई जा रही है। इन घड़ियों को विशेष रूप से बनवाया गया है। पूरी घड़ी में हीरे लगे हैं। आयकर अफसरों ने हीरों की जांच के लिए विशेषज्ञों को बुलाया है। इसके साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ गया है। गुजरात के ऊंझा में लगाई गई फैक्टरी की फंडिंग के बारे में भी जांच चल रही है।
कानपुर, कोलकाता और दिल्ली में हैं मुखौटा कंपनियां
आयकर अफसरों को जांच में छह मुखौटा कंपनियों का पता चला है। ये कंपनियां कानपुर, कोलकाता और दिल्ली के पते पर दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक इनके जरिये काली कमाई को एक नंबर में बनाए जाने का खेल चल रहा था। कितने का लेनदेन इन कंपनियों के जरिये किया गया, इसकी जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। बताया गया कि कारोबारी कच्चे पर्चे पर बड़े पैमाने पर कारोबार कर रहे थे।
विदेशी कारों, घड़ियों, फैक्ट्री की फंडिंग पर पूछताछ
यह भी पता चला है कि कच्चे पर्चों का लेनदेन कुछ दिनों के बाद फाड़ दिया जाता था। इस खेल के खुलासे के लिए कर्मचारियों और फर्म संचालकों से पूछताछ की जा रही है। फर्म संचालक मुन्ना मिश्रा का ऑपरेशन हुआ है। इस वजह से उनसे ज्यादा पूछताछ नहीं की गई है। बेटे शिवम मिश्रा से विदेशी कारों, घड़ियों, फैक्ट्री की फंडिंग पर पूछताछ की जा रही है।
टर्नओवर दिखा रहे 30 करोड़ का, स्टॉक मिला 60 करोड़ का
सूत्रों की मानें, तो गुजरात के ऊंझा में तंबाकू और तंबाकू पत्ती की फैक्ट्री है, जो बड़े स्तर पर उत्पादन करती है। कानपुर समेत देशभर के पान मसाला कारोबारियों, कंपनियों को तंबाकू की सप्लाई की जाती है। दरअसल, फर्म केवल 25-30 करोड़ का टर्नओवर दिखा रही थी। वहां पर अफसरों को जो स्टाॅक मिला है, वो बहुत अधिक है। सूत्रों ने बताया कि तैयार व कच्चा माल 50 करोड़ से ज्यादा का है, जबकि टर्नओवर आधा भी नहीं दिखाया जा रहा था।