नगर निकाय परिसीमन आने के बाद महापौर पद का आरक्षण किस कोटे में जाता है, यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन भाजपा में दावेदारों की सूची में सभी वर्गों से तीन-चार नाम ऐसे हैं, जो पार्टी संगठन में भी अपनी खास पकड़ रखते हैं। इन दावेदारों में जितनी संख्या पुरुषों की है, उतनी ही महिलाओं की भी है। महिलाएं वर्तमान में जिला और क्षेत्रीय काई में पदाधिकारी भी हैं।
पार्षदी के लिए एक-एक सीट पर पांच दावेदार
इसी तरह पार्षदी में एक-एक सीट पर चार से पांच दावेदार सामने आ गए हैं। कुछ वार्डों में तो अपनी ही पार्टी के वर्तमान पार्षद के खिलाफ भी लोग दावेदारी कर रहे हैं। यही वजह है कि निकाय चुनाव की तैयारी बैठकों के दौरान वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरफ से लगातार इस बात को कहा जा रहा है कि जो भी प्रत्याशी बनाए जाएंगे।
वे सभी कार्यकर्ता होंगे। ऐसे कौन-कौन लोग हैं जो पार्टी के फैसले से बगावत कर सकते हैं, उनकी भी संगठन एक सूची तैयार कर रहा है। इसके अलावा भाजपा मुस्लिम बहुल इलाकों के लिए इस बार अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े प्रत्याशियों की खोज कर रही है। पार्टी ने फैसला लिया है कि इस बार सभी मुस्लिम क्षेत्र वाले आठ वार्डों में पार्टी अपने प्रत्याशी उतारेगी।