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यूपी: एनएसजी कमांडो की निगरानी में रहेगी राष्ट्रपति की सुरक्षा, कमिश्नरी के 900 जवान तैनात

Thu, 24 Jun 2021 03:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

राष्ट्रपति की स्पेशल ट्रेन के गुजरने के दौरान वाहन और जानवर रेल ट्रैक पर न पहुंच सकें, इसका भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए रेलवे लाइन के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से अपने पशुओं को घरों में बांधकर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षाकर्मियों को दिए गए निर्देश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टूंडला से होकर गुजरने वाले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा पूरी तरह से एनएसजी कमांडो के हाथों में रहेगी। बाहर से आरपीएफ के कुल 100 जवान टूंडला आ चुके हैं। 200 जीआरपी के जवानों को भी तैनात किया जाएगा। ये जवान टूंडला, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद और इटावा के मध्य निगरानी करेंगे। राष्ट्रपति की स्पेशल ट्रेन के गुजरने के दौरान वाहन और जानवर रेल ट्रैक पर न पहुंच सकें, इसका भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए रेलवे लाइन के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से अपने पशुओं को घरों में बांधकर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हर एक किलोमीटर की दूरी पर गैंगमैन की टीम को भी लगाया गया है।
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चक्र में होगा सुरक्षा घेरा, कमिश्नरी के 900 जवान तैनात
राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर पुलिस कमिश्नरी से 900 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। राष्ट्रपति की सुरक्षा की दृष्टि से तीन मुख्य प्वाइंट्स निर्धारित किए गए हैं, जिसमें सर्किट हाउस, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट शामिल हैं। इन तीनों ही स्थानों पर चार चक्र में सुरक्षा घेरा तैयार किया जाएगा।

वहीं, 25 जून को रेलवे स्टेशन का कैंट साइड एरिया आम जनता के लिए बंद रहेगा, जबकि घंटाघर साइड आवागमन सामान्य दिनों की तरह ही चालू रहेगा। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि सर्किट हाउस के आउटर हिस्से पर सीआरपीएफ का घेरा रहेगा। सीआरपीएफ की दो कंपनी कानपुर आ चुकी हैं और उनकी ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है। सर्किट हाउस में ही इंटीग्रेटेड कमांड पोस्ट बनाया जाएगा, जहां से सभी फोर्स के लिए सूचनाओं का अदान प्रदान किया जा सकेगा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि एयरपोर्ट पर पहले से ही सीआरपीएफ सुरक्षा बल का घेरा है। एयरपोर्ट पर चार चक्रों में पुलिस समेत अन्य फोर्सों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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राष्ट्रपति की ट्रेन के आगे दौड़ेगा लाइट इंजन
राष्ट्रपति की स्पेशल ट्रेन रॉयल प्रेसिडेंशियल महाराजा एक्सप्रेस के आगे लाइट इंजन को दौड़ाने की योजना बनाई जा रही है ताकि स्पेशल ट्रेन का निर्बाध संचालन किया जा सके। 14 कोच वाली रॉयल प्रेसिडेंशियल महाराजा एक्सप्रेस ट्रेन के दौड़ने के दौरान किसी भी चूक से बचने के लिए रेल अधिकारियों ने स्पेशल ट्रेन के आगे लाइट इंजन को चलाने का निर्णय लिया है। रेल व पुलिस सूत्रों के अनुसार लाइट इंजन में रेल के अधिकारियों के अलावा सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस टीम भी रहेगी। 

इन सुविधाओं से लैस है प्रेसिडेंशियल ट्रेन
रॉयल प्रेसिडेंशियल महाराजा एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं से लैस है। ट्रेन में बुलेट प्रूफ विंडो हैं। जीपीएस सिस्टम, किसी भी समय जनता को संबोधित करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सेटेलाइट बेस्ड कम्युनिकेशन सिस्टम, डाइनिंग रूम, लॉज रूम, कांफ्रेंस रूम की भी सुविधाएं हैं।

साढ़े पांच घंटे में पहुंचेगी ट्रेन
ट्रेन शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे दिल्ली से रवाना होगी जो सायं 4 बजे करीब टूंडला से होते हुए शाम 7 बजे कानपुर पहुंचेगी। सोमवार को वे इसी ट्रेन से कानपुर से सुबह 10:20 बजे चलकर लखनऊ पहुंचेंगे। अगले दिन मंगलवार को सायं 4:30 बजे लखनऊ से इसी ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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87 बार ट्रेन का हो चुका है प्रयोग
अभी तक 87 बार रॉयल प्रेसिडेंशियल महाराजा एक्सप्रेस ट्रेन का प्रयोग किया जा चुका है। सबसे पहले इस ट्रेन में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1950 में सफर किया था। वे इस ट्रेन से दिल्ली से कुरुक्षेत्र तक गए थे। उनके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1977 में  और डॉ. नीलम संजीवा रेड्डी ने भी इस ट्रेन से यात्रा की है। इसके 26 साल बाद 30 मई 2003 को राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने बिहार तक इस ट्रेन में सफर किया था। तब से 18 वर्ष बीतने के बाद भी यह स्पेशल ट्रेन दिल्ली में ही खड़ी रहती है।

राष्ट्रपति से मिलेंगे टीकम चंद्र, मणिकांत जैन, मुकुंद मिश्रा 
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सर्किट हाउस में मुलाकात करने वाले तीन व्यापारी नेताओं के नाम फाइनल हो गए हैं। ये तीनों नेता उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन मणिकांत जैन व कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीकम चंद्र सेठिया हैं।

व्यापारी संगठन की ओर से 15 व्यापारियों के नाम मुलाकात करने के लिए भेजे गए थे। इनमें से 12 नामों को मंजूरी नहीं मिली। इनमें विजय पंडित, विनोद गुप्ता, राजेंद्र शुक्ला, राजेश गुप्ता जैसे नाम भी शामिल हैं। टीकम चंद्र सेठिया ने बताया कि गुरुवार को कोर कमेटी की बैठक कर व्यापारी समस्याओं को चिह्नित किया जाएगा और राष्ट्रपति के समक्ष रखा जाएगा। हालांकि ये राष्ट्रपति का मसला नहीं है, लेकिन इस वजह से बताया जाएगा ताकि वे भी व्यापारियों की समस्या से रूबरू हो सकें। 
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