विवेचना लगभग हो चुकी है पूरी
इसके अलावा, मैनेजर शैलेंद्र मित्तल, मेसर्स गणपति रोड कैरियर्स प्रा.लि. व उसके निदेशक प्रवीण कुमार जैन, रजत जैन, मेसर्स एस. कुशलचंद इंटरनेशनल प्रा.लि. व उसके निदेशक सुनील ए. हिरानी को भी नोटिस भेजा गया है। इनके खिलाफ विवेचना लगभग पूरी हो गई है।
चुकाने पड़ सकते हैं 290 करोड़
जल्द ही इनके खिलाफ भी मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। डीजीजीआई ने 497 करोड़ की देनदारी निकाली है। लगभग 207 करोड़ रुपये सीज किया जा चुका है। इस लिहाज से पीयूष को लगभग 290 करोड़ रुपये और चुकाने पड़ सकते हैं।
मामले में सुनवाई 23 मई को
पीयूष के अधिवक्ता चिन्मय पाठक ने बताया कि पीयूष जैन के खिलाफ जीएसटी चोरी के लिए डीजीजीआई और सोना तस्करी के लिए डीआरआई की ओर से दर्ज किए गए मामलों में स्पेशल सीजेएम कोर्ट में अगली सुनवाई 23 मई को होगी।