बच्चों में खूबी देखें, कमजोरी नहीं
रीना कहती हैं कि किसी भी बच्चे को उसकी शारीरिक बनावट के हिसाब से नहीं आंकना चाहिए। हर बच्चे में कुछ न कुछ खूबी होती है, भले ही वह दिव्यांग हो। हमें उसकी खूबी देखनी चाहिए, कमजोरी नहीं। अगर उसकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाए, तो वही अक्षम बच्चा सक्षम बन जाता है।
मलिन बस्तियों में ढूंढती हैं बच्चियां
रीना खुद मलिन बस्तियों में जाकर ऐसे दृष्टिहीन बच्चियों को तलाशती हैं। इसके बाद उनकी आगे की पढ़ाई के लिए परिवार को मनाती हैं और फीस का भी प्रबंध करती हैं।