इटावा। किसान को गोली मारकर भैंस लूटकर ले जाने वाले दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। उनके पास से से एक तमंचा, एक कारतूस, एक बांका भी बरामद हुआ है। मरने वाले एक आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अन्य मामलों में 17 मामले दर्ज हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि रामबरन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। हादसे वाली जगह से पुलिस ने डीसीएम बरामद की। उसमें दो भैस बंधी हुई थीं। बदरू और शौकत की मौके पर ही मौत हो गई थी। राजू व नौशाद के पास से एक तमंचा, एक कारतूस, एक बांका व एक फर्जी नंबर प्लेट बरामद की गई। दोनों घायलों का सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया गया। कार्रवाई के बाद दोनों को जेल भेज दिया। डीसीएम को सीज कर दिया गया। रामबरन को उसकी भैंस वापस कर दी गई। वहीं दूसरी भैंस किस जगह से चुराई है पुलिस इसकी पूछताछ कर रही है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हाईवे से लगे हुए गांव में पशु तलाशते हैं। मौका लगने पर उन्हें खोलकर डीसीएम में लाद लेते हैं। एसएसपी ने बताया कि राजू के खिलाफ कासगंज जिले के थाने में जानलेवा हमला समेत दो मामले दर्ज हैं। मृतक शौकत अली के खिलाफ आगरा कमिश्नरेट, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद व गौतमबुद्ध जिले के थानों में जानलेवा हमला व पशुवध जैसी संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं।
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दोनों मृतकों की पत्नी पहुंची सैफई
बदरू की पत्नी सकीना बेगम व शौकत अली की पत्नी नगीना बेगम घटना की सूचना के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज पहुंची। महिलाओं ने बताया कि चार दिन पहले गांव के ही राजू जाटव के डीसीएम से कानपुर में भैंस का व्यापार करने की बात कह कर घर से निकले थे। साथ में दामाद शौकत अली, गांव के ही नौशाद अली भी गए थे। बदरू शौकत से बड़ा था। बदरू के सात व शौकत अली के छह बच्चे हैं।