अकील अहमद ने बताया कि उन्होंने एसीपी से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जब इरफान जेल गए तब उन्होंने फिर से शिकायत की तब कार्रवाई हुई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विधायक की धाक के आगे अफसर भी बैकफुट पर रहते थे। सरकार चाहें किसी की भी हो।
अभी भी दहशत में लोग, पत्र भेजे, सामने नहीं आ रहे
विधायक व उनके भाई पर जाजमऊ थाने में आगजनी का मुकदमा दर्ज किया था। इस घटना से संबंधित कुछ लोगों ने गोपनीय जानकारी पुलिस से साझा की है। चार पत्र ऐसे पुलिस को भेजे गए हैं।
इसमें दावा किया गया है कि घटना में विधायक और उनके भाई की ही संलिप्तता है। हैरानी की बात ये है कि ये लोग सामने नहीं आ रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विधायक के रसूख के आगे लोग अभी भी दहशत में हैं।