वहां से सभी लोग विष्णु के बहनोई रामजी के घर रसूलाबाद तुलसीपुर गए थे। तीन जुलाई, 2020 की दोपहर अमर को रामजी करियाझाला में संजय परिहार की बगिया ले गया। शाम को विकास और प्रभात को भी वहीं पहुंचाया था। यहां अभिनव तिवारी, अर्पित मिश्रा उर्फ पुत्तू मिश्रा, विक्की यादव, अमन शुक्ला, मोहन अवस्थी आदि मौजूद थे।
इसके बाद शुभम ने विकास, अमर और प्रभात को दो दिन तक अपने ठिकाने पर रुकवाया था। पांच जुलाई, 2020 के बाद तीनों बदमाशों को शुभम अपनी कार से औरैया छोड़ आया था। यहां से तीनों फरीदाबाद पहुंचे थे। बाद में तीनों को एनकाउंटर में मार गिराया गया था।
एनकाउंटर के बाद असलहों का जखीरा रामजी, अर्पित और विष्णु के पास था। मामला ठंडा होने पर आठ माह बाद रामजी ने असलहे और कारतूस बेचने के प्रयास शुरू किए थे। जनवरी में संजय, अमन और अभिनव ने रामजी से संपर्क किया था।
संजय ने एक सेमी ऑटोमेटिक रायफल व एक डबल बैरल बंदूक का सौदा इटावा-भिड रोड स्थित पेट्रोल पंप मालिक सत्यवीर सिंह यादव के रिश्तेदार मनीष यादव से किया था। इसी दौरान एसटीएफ ने असलहा खरीदने वाले समेत सात आरोपितों को दबोचा था। उसका पनकी थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था।