कानपुर मेट्रो ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग ने फाइनल निरीक्षण के बाद मौखिक सहमति दे दी है। आधिकारिक रिपोर्ट शुक्रवार को आएगी। उधर 28 दिसंबर को मेट्रो का लोकार्पण करने आ रहे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं।
मेट्रो स्टेशनों को सजाया जा रहा है। लिफ्ट, एस्केलेटर सहित सभी सुुविधाओं का बार-बार ट्रायल हो रहा है। सीएमआरएस ने 20 से 22 दिसंबर तक आईआईटी से मोतीझील स्टेशन तक 90 की स्पीड से ट्रेन दौड़ाने के साथ ही सिग्निलिंग, कंट्रोल रूम, स्टेशनों में यात्री सुविधाओं का परीक्षण किया था।
सूत्रों के अनुसार सीएमआरएस ने ट्रैक से लेकर ट्रेन और सुविधाओं के मानकों पर खरा उतरने की गैर आधिकारिक रूप से सहमति दे दी है। शुक्रवार को उनकी रिपोर्ट आते ही मेट्रो ट्रेन के कामर्शियल रन की सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी। प्रधानमंत्री लोकार्पण करने के साथ ही आईआईटी स्टेशन से गीता नगर तक यात्रा भी करेंगे।
मेट्रो के सभी नौ स्टेशनों को प्लेटिनम रैंकिंग
आईआईटी से मोतीझील तक बने सभी नौ मेट्रो स्टेशनों को प्लेटिनम रेटिंग से प्रमाणित किया गया है। यह रेटिंग इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने दी है। यूपीएमआरसी के डिप्टी जनरल मैनेजर (पीआर) पंचानन मिश्रा ने बताया कि इसी महीने सर्वे किया गया था।
यूपीएमआरसी ने 100 से अधिक पेड़ों को ट्रांसलोकेट किया और 10,000 से अधिक पौधे लगवाए। स्टेशनों की छत पर वर्षा जल संरक्षण की व्यवस्था की। इन सभी को देखते हुए आईजीबीसी की ग्रीन एमआरटीएस प्लेटिनम रेटिंग दी गई है। आईजीबीसी किसी भी सिविल निर्माण को ग्रीन सिस्टम प्रमाणित करने वाली देश की सर्वोच्च संस्थाओं में से एक है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की तरफ से गुरुवार को यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव को प्रमाण पत्र दिया गया। एमडी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।