कानपुर में शीतलहर का कहर रोगियों पर भारी पड़ रहा है। सबसे अधिक खतरा उन रोगियों की जान पर है, जो ब्लड प्रेशर के मामले में लापरवाह हैं। हैलट में गुरुवार को आठ मरीजों की मौत हो गई। इनमें चार रोगियों की हार्ट अटैक, तीन की ब्रेन अटैक से और एक दमा के रोगी की मौत हुई है।
इसके अलावा ब्रेन अटैक के आठ रोगी बेहोशी की हालत में ओपीडी आए। उन्हें इमरजेंसी में भर्ती किया गया। ब्लड प्रेशर अधिक होने के कारण गुर्दे के रोगियों की तबीयत बिगड़ी है। हार्ट अटैक से पतारा के अशोक कुमार यादव (55), गद्दियाना के निखिलेश (48) और नवाबगंज के कुणाल राजपूत (52) की मौत हो गई।
इन रोगियों को परिजन कार्डियोलॉजी लेकर आ रहे थे। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसी तरह रावतपुर के जितेंद्र (56) की हार्ट अटैक से निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। सरसौल से आईं बिंदेश्वरी (51) की ब्रेन अटैक से मौत हुई। परिजन रोगी पहले रामादेवी के निजी अस्पताल ले गए, वहां से हैलट रेफर कर दिया गया। इसी तरह नौबस्ता के विनय (61) और चौबेपुर के रामेश्वर (55) की ब्रेन अटैक से मौत हुई।
ये डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर के रोगी रहे हैं। चमनगंज के रोगी अनीस (62) की दमा से मौत हुई है। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें चेस्ट हॉस्पिटल ले आए। आईसीयू न मिल पाने से मौत हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक वर्मा का कहना है कि रोगी अपना ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें।
बरतें एहतियात
- रोगी अपने ब्लड प्रेशर, डायबिटीज की लगातार मॉनीटरिंग करें
- बीपी या डायबिटीज बढ़ने पर तुरंत दवा की डोज दुरुस्त करें
- गर्म कमरे से अचानक सर्द माहौल में बाहर निकलकर न आएं
- तड़के मॉर्निंग वॉक बंद कर दें, धूप निकलने पर जाएं
- गर्म कपड़ों से शरीर अच्छी तरह ढंके रहें
- हाथ-पैर की ऊंगलियां नीली पड़ें तो तुरंत दस्ताने, गर्म मोजे पहन लें
- खानपान में एहतियात बरतें, घर में योगाभ्यास या व्यायाम कर लें