सीबीआई लखनऊ की टीम ने सोमवार शाम को सर्वोदय नगर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय से पीएफ इंस्पेक्टर प्रवर्तन अधिकारी अमित श्रीवास्तव को तीन लाख की घूस लेने के आरोप में पकड़ा है। आरोप है कि एक स्कूल संचालक के 50 लाख के पीएफ निर्धारण के मामले को निपटाने के लिए घूस मांगी गई थी। टीम देर रात तक कार्यालय में पीएफ इंस्पेक्टर से पूछताछ करती रही। मामले में और भी उच्च अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है।
चौबेपुर के स्कूल संचालक जयपाल सिंह ने कर निर्धारण के मामले में चार लाख रुपये घूस मांगने की शिकायत की थी। अंत में तीन लाख रुपये पर समझौता हुआ। सीबीआई तीन दिन से पूरे मामले में लगी थी। सोमवार शाम करीब चार बजे जब पीएफ इंस्पेक्टर के कंसल्टेंट ने कार्यालय में ही जब स्कूल संचालक से तीन लाख रुपये लिए, तभी सीबीआई ने उसे पकड़ लिया। बिचौलिया बने कंसल्टेंट ने ही पीएफ इंस्पेक्टर की भूमिका का खुलासा किया। सीबीआई ने कंसल्टेंट को भी पकड़ लिया है। हालांकि उसके नाम का खुलासा अभी नहीं किया है। सीबीआई अपने साथ नोट गिनने की मशीन भी लाई थी। इसके अलावा पीएफ इंस्पेक्टर की अलमारी नहीं खुली तो पेंचकस से खुलवाई गई।
परीक्षा पास करके बना इंस्पेक्टर
आरोपी अमित श्रीवास्तव 2012 में दिल्ली से तबादला होकर कानपुर कार्यालय आया था। तब वह सोशल सिक्योरिटी असिस्टेंट पद पर था। इसके बाद 2018 में विभागीय परीक्षा पास करके प्रवर्तन अफसर बना। 2019 में झांसी के एक स्कूल का मामला सामने आया था। तब उसे पीटा भी गया था।