फर्रुखाबाद। विभागीय कर्मचारी के खेल का किसान को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। 1.10 लाख रुपये देने के बाद भी उसका नलकूप कनेक्शन फर्जी निकला। बिल जमा कराने के बाद नलकूप का कनेक्शन काट दिया गया। इससे परेशान होकर किसान ने डीएम को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई है। न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।
नवाबगंज के गांव हरदुआ निवासी राजवीर सिंह ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि वर्ष 2017 में नलकूप कनेक्शन कराने के लिए आवेदन किया था। उसने 100 रुपये प्रक्रिया शुल्क के जमा किए थे। इस पर कनेक्शन आवेदन नंबर 975 जारी हुआ था। इसके आधार पर एस्टीमेट जेई ने बनाया था। पटल के लिपिक ने 1.10 लाख रुपये लिए थे। कुछ दिन बाद लिपिक ने लाइन आर्डर की कॉपी दी, जिसके आधार पर विभागीय स्टोर से गेट पास कटवा कर सामग्री ली और विद्युत लाइन बनवा कर नलकूप चालू किया।
बिजली बिल न आने पर शिकायत की। 12 अप्रैल को बिजली बिल का 70 हजार रुपये कायमगंज डिवीजन में जमा कराया गया। इसके बाद नलकूप कनेक्शन फर्जी होने की जानकारी दी गई। नलकूप की लाइन भी काट दी गई है। इससे मक्का की फसल पानी के अभाव में सूख रही है।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
किसान राजवीर का आवेदन पत्र लोड मंजूरी के लिए 2016-17 में एनएस नंबर 975 पर दर्ज किया गया था। एस्टीमेट बनवाने के बाद उससे रुपये लिए गए। एस्टीमेट की धनराशि विभाग में जमा नहीं की गई। किसान मुन्नालाल का एनएस नंबर 467 डालकर लाइन आर्डर राजवीर के नाम से जारी कर दिया गया। इसमें जो डिस्पैच नंबर डाला गया था, वह किसी तीसरे किसान की फाइल का है। स्टोर से राजवीर को सामग्री भी दे दी गई। विभाग से उसको कनेक्शन नंबर जारी नहीं किया गया। बिल न आने पर जब राजवीर ने शिकायत की तो जांच शुरू हुई। जांच में फर्जीवाड़ा होने का मामला सामने आया। वर्ष 2016-17 में पटल पर तैनात रहे लिपिक ने फर्जीवाड़ा कर रुपये हड़प लिए और फर्जी लाइन आर्डर जारी कर दिया।
राजवीर का कनेक्शन फर्जी है। उसने एस्टीमेट के रुपये विभाग में जमा नहीं किए हैं। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। अभी तक उनके पास जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जांच में जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता