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जैसलपुर, महदेवा गांव में अभी भी लोगों के घर पानी में डूबे

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राजपुर (कानपुर देहात)। यमुना नदी का जलस्तर बुधवार को दो मीटर घट गया। इसके बाद भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर है। हालांकि जैसलपुर, महदेवा गांव में लोगों के घरों में अभी भी पानी भरा हुआ है। लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई है। अफसरों के अलावा समाजसेवी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
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राजपुर ब्लॉक के बैजामऊ बांगर, गौहानी बछाटी, भुपैय्यापुर, पिचौरा, बेहमई, जैसलपुर, महदेवा गांव के दो सैकड़ा से अधिक घर बाढ़ के पानी से घिर गए थे। ऐसे में परिवार सहित लोग ऊंचे स्थान पर रहने को मजबूर हैं। बुधवार को यमुना का पानी दो मीटर घटने से लोगों ने राहत की सास ली।
हालांकि बैजामऊ बागर व महदेवा गांव के रास्ते पानी में डूबे होने से ग्रामीणों को आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। महदेवा गांव में कच्चे मकान पूरी तरह जलमग्न होने से अब उनके गिरने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में लोग तंबू तिरपाल के नीचे गृहस्थी रखे है। वहीं गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर दवा वितरित भी की गई।
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महदेवा व बैजामऊ में बढ़ाई गईं चार नावें
मंगलवार को डीएम जेपी सिंह ने बाढ़ग्रस्त जैसलपुर व महदेवा गांव का निरीक्षण कर बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं थी। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि गांव का रास्ता जलमग्न है। एक प्राईवेट नाव के जरिए आना जाना हो रहा है। लोगों ने नाव बढ़ाए जाने की मांग की। डीएम के निर्देश पर एसडीएम रमेश चंद्र यादव ने बुधवार को महदेवा व बैजामऊ बांगर गांव में दो-दो नाव की व्यवस्था की है। (संवाद)
लगातार पांचवें दिन चला समाजसेवी का भंडारा
बाढ़ग्रस्त महदेवा, गौहानी बांगर व भुपईयापुर गांव में लोगों की गृहस्थी तबाह होने से लोग भोजन का प्रबंध नहीं कर पा रहे है। ऐसे में समाजसेवी शुभम पाल तीनों गांव में कैंप लगाकर लोगों के भोजन की व्यवस्था करा रहे हैं। बुधवार को पांचवें दिन भी उनका भंडारा चालू रहा। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त तीनों गांव में हालत सामान्य होने तक ग्रामीणों के भोजन की व्यवस्था करेंगे। (संवाद)
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