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बुंदेलखंड: सियासत में आधी आबादी को दलों ने रखा पीछे, 16 चुनाव में सिर्फ पांच बार संसद पहुंची महिलाएं

Thu, 21 Mar 2024 09:15 PM IST
शिखा पांडेय संदीप तिवारी, अमर उजाला, बांदा

सार

बुंदेलखंड में लोकसभा की चार सीट है। बुंदेलखंड की सीटों में 1957 में झांसी से पहली महिला सुशीला नैय्यर चुनाव लड़ी और जीती। 1962 में महिलाओं ने कांग्रेस के टिकट पर बुंदेलखंड की दो सीटों में अपना परचम लहराया।
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पूर्व महिला सांसद सुशील नय्यर व उमा भारती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुंदेलखंड की सियासत में नारी शक्ति सिर्फ वंदन तक ही सीमित रही है। अब तक हुए 16 लोकसभा चुनाव में सिर्फ तीन महिलाओं को ही पांच बार संसद पहुंचने का अवसर मिला। कभी राजनीतिक दलों ने टिकट देने में कंजूसी दिखाई तो कभी मतदाताओं ने ही महिलाओं की दावेदारी को नकार दिया।

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बुंदेलखंड में लोकसभा की चार सीट है। बुंदेलखंड की सीटों में 1957 में झांसी से पहली महिला सुशीला नैय्यर चुनाव लड़ी और जीती। 1962 में महिलाओं ने कांग्रेस के टिकट पर बुंदेलखंड की दो सीटों में अपना परचम लहराया। झांसी से जहां सुशीला नय्यर तो वहीं बांदा-चित्रकूट संसदीय क्षेत्र से सावित्री निगम चुनाव जीतीं। 1967 में कांग्रेस ने पुन: झांसी से सुशीला नय्यर को टिकट दिया और वह चुनाव जीतीं। 1977 में सुशीला नय्यर जनता पार्टी प्रत्याशी से चुनाव हार गईं। 1977 के बाद 2014 तक बुंदेलखंड में प्रमुख राजनीतिक दलों ने महिलाओं को टिकट नहीं दिए।

2014 में भाजपा ने मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को झांसी से चुनाव लड़ाया। चुनाव जीतकर संसद पहुंची। 2009 में सपा ने बांदा से अमिता बाजपेयी को मैदान में उतारा, लेकिन वह चुनाव हार गई। बुंदेलखंड की महोबा-हमीरपुर व झांसी की जालौन संसदीय सीट से कभी महिला सांसद नहीं बनी।

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गांधी व नेहरू की चहेती रहीं नय्यर
झांसी की पूर्व महिला सांसद सुशीला नय्यर का आजादी के आंदोलनों प्रमुख योगदान रहा। गांधी व जवाहर लाल नेहरू की वह चहेती रही। आजादी के बाद महिलाओं को सशक्त और शिक्षित बनाने के लिए कांग्रेस ने उन्हें झांसी से चुनाव लड़ाया।

बांदा पूर्व महिला सांसद सावित्री निगम एक साहित्यकार थीं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण को लेकर कई लघु कथाएं लिखीं। गृहस्थांजलि और अन्नापूर्णा नामक पुस्तकें बहुत चर्चा में रहीं। सामाजिक संगठनों में सक्रिय रहते हुए गरीबों के लिए काम किया।

झांसी की पूर्व सांसद उमा भारती साध्वी होते हुए वह बुंदेलखंड की राजनीति में सक्रिय रही। एमपी की मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनका बुंदेलखंड से लगाव रहा। 2014 में जब झांसी से चुनाव लड़ने का मौका मिला तो वह लड़ी और जीतीं भी।

बांदा-चित्रकूट लोकसभा सीट पर महिला वोटर
 
विधानसभा महिला कुल वोटर
तिंदवारी 146718 322321
बबेरू 153925 342737
नरैनी 160182 348954
बांदा  143983 212558
चित्रकूट 305671 384149
मानिकपुर 163019 349950
योग 946301 2060679

 
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