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Kanpur News: पप्पू स्मार्ट व सऊद अख्तर को हाईकोर्ट से मिली जमानत

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कानपुर। बसपा नेता नरेंद्र सिंह सेंगर उर्फ पिंटू सेंगर पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर हत्या की कोशिश करने के मामले में सजा काट रहे पप्पू स्मार्ट और सऊद अख्तर को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने अपील लंबित रहने के दौरान सजा को निलंबित करने और जमानत देने की सऊद की याचिका स्वीकार कर ली है। दोनों को जमानत मिल गई हैं।
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17 जनवरी 2017 को पनकी मंदिर से लौट रहे बसपा नेता पिंटू सेंगर को गोली मारी गई थी। पिंटू के भाई धर्मेंद्र ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मुकदमे में दोषी मानकर अप्रैल 2025 को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सऊद व पप्पू को 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के आदेश के खिलाफ दोनों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत मांगी गई थी। तर्क रखा गया कि गोली से घायल पिंटू की गवाही कोर्ट में नहीं हो सकी क्योंकि बाद में उसकी हत्या हो गई थी।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पिंटू के भाई धर्मेंद्र घटना के चश्मदीद नहीं थे। डॉक्टरों की रिपोर्ट व बयानों में भी विरोधाभास है। सऊद के खिलाफ 35 जबकि पप्पू के खिलाफ 23 मुकदमों का आपराधिक इतिहास दिखाया गया है लेकिन मृतक के खिलाफ भी 36 मुकदमे दर्ज थे। सऊद डेढ़ साल की सजा काट चुका है। लंबित मामलों की बड़ी संख्या के कारण जल्द अपील की सुनवाई होने की संभावना कम है इसलिए उसे जमानत दे दी जाए।
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अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि धर्मेंद्र ने एफआईआर में लिखाया है कि सऊद और उसके साथियों ने पिंटू पर गोलियां चलाईं। कार से कारतूस मिले हैं और उस पर गोलियों के निशान भी थे। घायल पिंटू ने धर्मेंद्र व इलाज करने वाले डॉक्टरों को गोलियां चलाने वालों के नाम बताए थे। बाद में जब पिंटू इसी मुकदमे में गवाही देने जा रहा था तो उसकी हत्या कर दी गई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर जमानत याचिका खारिज नहीं की जा सकती और दोनों को जमानत पर रिहा करने के आदेश कर दिए।



पिंटू सेंगर रात लगभग 10 बजे पनकी मंदिर से दर्शन कर कार से लौट रहे थे। तभी दो मोटरसाइकिल पर सवार स्मार्ट शूज का मालिक हरजेंद्र नगर निवासी मो. आसिम उर्फ पप्पू स्मार्ट, जाजमऊ दरगाह शरीफ निवासी सऊद अख्तर व दो अज्ञात लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली पिंटू के चेहरे पर लगी लेकिन लहूलुहान हालत में खुद ही गाड़ी चलाकर पिंटू थाने पहुंच गया। वहां से उसे कांशीराम अस्पताल ले जाया गया था। मुकदमे में सऊद और पप्पू दोनों को दोषी करार दिया गया था लेकिन सजा पर सुनवाई के दिन पप्पू कोर्ट नहीं पहुंचा था जिस पर उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया था। हालांकि अगले दिन पप्पू ने भी कोर्ट में समर्पण कर दिया था जिसके बाद कोर्ट ने उसे भी 10 साल कैद की सजा सुना दी थी। सऊद के अधिवक्ता ने बताया कि सऊद की जमानत दाखिल हो गई हैं शुक्रवार को उसकी रिहाई भी हो जाएगी।
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