कानपुर। उत्तर पश्चिमी हवाओं से बने क्षेत्रीय चक्रवात के कारण घने बादलों, तेज हवाओं और बूंदाबांदी ने फिर अधिकतम पारे को नीचे धकेल दिया। सीएसए के मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 56 साल में पहली बार सात मई को पारा अपने सबसे निचले पायदान 29 डिग्री पर आया। वैसे इन 56 सालों में मई के महीने में अधिकतम तापमान चौथी पर 29 डिग्री पर गया है। देर शाम बारिश होने से मौसम और खुशनुमा हो गया।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार शाम से मौसम खुल सकता है। इसके पहले बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं और बूंदाबांदी की संभावना है। गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे से हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया। घने बादल आ गए और कई स्थानों पर बौछारें पड़ीं। 1.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 29 डिग्री पर आ गया। पारा आधा धंटे तक इसी बिंदु पर ठहरा रहा। सीएसए के मौसम विभाग की वेधशाला की रिपोर्ट के मुताबिक शाम पांच बजे पारा 24 डिग्री पर आ गया।
विभाग के नोडल और तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि उपलब्ध आंकड़ोें के मुताबिक इसके पहले वर्ष 2000 में छह मई को अधिकतम तापमान 29 डिग्री पर रहा था। वर्ष 1971 में 11 और 16 मई को पारा 29 डिग्री पर रहा। सात को मई को पहली बार अधिकतम तापमान 29 डिग्री पर आया है। वर्ष 1982 में 10 मई, वर्ष 1983 में 24 मई और वर्ष 2021 को 19 मई को अधिकतम तापमान 28 डिग्री पर आया था।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ और आ रहा है। यह 11 मई को पहुंचेगा। पश्चिमी विक्षोभ के आने से चक्रवात बनता है। इससे 11, 12 और 13 मई को फिर मौसम बिगड़ने और बारिश की संभावना है। दिन में तेज धूप निकलने से लो प्रेशर जोन बनता है। चक्रवात बनने पर नमी आने लगती है। इससे बादल बनते हैं और बारिश हो जाती है।