इसके बाद सीएमएस ने कंपनी के अलावा एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव को भी लिखित पत्र देकर अग्रिम कार्रवाई के लिए लिख दिया। 18 दिन बीतने के बात भी प्लांट सही कराने की जरूरत नहीं समझी गई। लिहाजा अस्पताल में खर्च होने वाली ऑक्सीजन बाजार से खरीदी जा रही है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
डिप्टी सीएम का भी हो गया निरीक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की इससे ज्यादा और क्या लापरवाही हो सकती है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के निरीक्षण के दिन भी प्लांट की मरम्मत नहीं कराई गई। जिलाधिकारी भी दो बार लोहिया अस्पताल में जा चुके हैं। फिर भी विभागीय अफसर बेपरवाह हैं।
जिस कंपनी ने लगाया था, उसे सूचित कर दिया है। सीएमओ के यहां से भी जिम्मेदार को मरम्मत के लिए लिखा गया है। इंजीनियर का इंतजार किया जा रहा है। उसके आने पर ही प्लांट सही हो सकेगा। -राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल