आयुध निर्माणी बोर्ड का अस्तित्व बृहस्पतिवार को खत्म हो गया। इसके अधीन संचालित होने वाली आयुध निर्माणियाें का नाम भी अब खत्म हो गया है। 41 आयुध निर्माणियों का विलय करके बनाई गई सात कंपनियों के नए सीएमडी और निदेशक शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही नई कंपनियों का संचालन भी शुरू हो जाएगा।
कानपुर में तीन कंपनियों के हेडक्वार्टर बनाए गए हैं। इसमें 13 आयुध निर्माणियां शामिल की गई हैं। इन कंपनियों के नए नाम के बोर्ड भी बनकर लग गए हैं। अभी एक कंपनी के हेडक्वार्टर के अंदर नई कंपनी के नाम का बोर्ड लगाया गया है। शहर में एडवांस वेपन एंड एक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड, ट्रूप कंफर्ट लिमिटेड, ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी बनाई गई है।
एडवांस वेपन कंपनी का हेडक्वार्टर कालपी रोड स्थित ओएफसी में बनाया गया है। ट्रूप कंफर्ट और ग्लाइडर्स का हेडक्वार्टर जीटी रोड स्थित ओईएफ हेडक्वार्टर में बनाया गया है। अलग-अलग तल पर दोनों कंपनियों के सीएमडी और निदेशक बैठेंगे। सूत्रों ने बताया कि कंपनियां निर्यात को फोकस करते हुए छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ेंगी।
आधुनिक हथियार या उत्पाद बनाने के लिए विश्व के अलग-अलग देशों में स्थित हथियार निर्माता कंपनियों के साथ तकनीक समझौते, एमओयू आदि किए जाएंगे। खर्चे कम करते हुए उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा ऐसे देशों को चिह्नित किया जाएगा, जहां पर हथियारों का निर्यात ज्यादा से ज्यादा किया जा सके। वहीं, शुक्रवार को प्रतिरक्षा संगठन काला दिवस मनाएंगे।
यह हैं तीन कंपनियों ने सीएमडी और निदेशक
1. एडवांस एंड इक्विपमेंट: राजेश चौधरी (सीएमडी), रविन कुलश्रेष्ठ (निदेशक वित्त), अनुपमा त्रिपाठी (निदेशक एचआर), एके मौर्या (निदेशक ऑपरेशंस)
2: ट्रूप कंफर्ट: संतोष कुमार सिन्हा (सीएमडी), संजीव कुमार सक्सेना (निदेशक वित्त), आरआर पाटिल (निदेशक एचआर), अतुल गुप्ता (निदेशक ऑपरेशंस)
3: ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड: वीके तिवारी (सीएमडी), सुरेंद्र ढापोडकर (निदेशक वित्त), सुनील (निदेशक ऑपरेशंस)