रेल सूत्रों की मानें तो मालगाड़ी लगभग 120 किलोमीटर की रफ्तार से जा रही थी। हादसे के समय पटरी के आसपास ग्रामीण बकरियां चरा रहे थे। डिब्बे उछलकर पटरी के किनारे बकरियां चरा रहे लोगों के ऊपर जा गिरे, जिनके नीचे वह दब गए।
इटावा जिले के सैफई में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर सोमवार को कानपुर की ओर जा रही मालगाड़ी के आठ डिब्बे पलट गए। हादसे में एक किशोर की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक महिला व दो किशोर घायल हो गए।
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घायलों को इलाज के लिए सैफई में भर्ती कराया गया है। हादसा शाम करीब पांच बजे वैदपुरा के नजदीक ग्राम जैतिया के पास हुआ। मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरकर पलट गए। इनकी चपेट में आने से बकरी चरा रहे सचिन (12) की मृत्यु हो गई।
सुमन (50) पत्नी अर्जुन, हिमांशु (12) पुत्र जीवन सिंह और बॉबी (12) पुत्र शैलेंद्र घायल हो गए। मृतक और घायल ग्राम जैतिया के रहने वाले हैं। अभी लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है।
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पुलिस ने मृतक बालक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रेल सूत्रों की मानें तो मालगाड़ी लगभग 120 किलोमीटर की रफ्तार से जा रही थी। हादसे के समय पटरी के आसपास ग्रामीण बकरियां चरा रहे थे। डिब्बे उछलकर पटरी के किनारे बकरियां चरा रहे लोगों के ऊपर जा गिरे, जिनके नीचे वह दब गए। घटना के बाद मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। कॉरिडोर बनने के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है। एक माह पूर्व 23 अगस्त को जसवंतनगर क्षेत्र में मालगाड़ी के डिब्बे पलट गए थे।