15 मार्च से गोविंदनगर स्थित जागेश्वर अस्पताल में कानपुर साउथ के
अधिकारियों का दफ्तर शुरू हो जाएगा। यहां एडीएम, अपर नगर आयुक्त और एसपी
साउथ के अलावा जल निगम, जलकल और नगर निगम के अधिकारी बैठेंगे और साउथ सिटी
के लोगों की समस्याओं का निदान करेंगे।
क्षेत्र का भ्रमण भी यहीं से तय
होगा। बुधवार को एसीएम प्रथम योगेंद्र कुमार ने नगर निगम के अधिकारियों के
साथ मौके पर जाकर व्यवस्था का जायजा लिया। एसीएम ने निरीक्षण के दौरान यहां
बैठने वाले अधिकारियों के कमरे और गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था देखी।
एसीएम के मुताबिक फिलहाल जागेश्वर अस्पताल में तीनों अधिकारियों का
अस्थायी दफ्तर बनाया जाएगा। जल्द ही साकेतनगर स्थित कंजड़नपुरवा की खाली
जमीन पर स्थायी दफ्तर बनेगा।
इन विभागों के काम होंगे
हाउस टैक्स, भवन मालिक के नामांतरण का कार्य, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, स्वास्थ्य विभाग के कार्य, सड़क, सीवर, पानी, नाली, खड़ंजा, मार्ग प्रकाश, राजस्व संबंधी कार्य, राजनीतिक व धार्मिक कार्यों के लिए अनुमति का कार्य, थाने-चौकी की शिकायतों का निस्तारण आदि का होंगे।
बचेगा समय, भागा दौड़ी कम
साउथ सिटी मेें अफसरों के बैठने से साउथ के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। क्षेत्र के लोगों को अफसरों तक अपनी समस्या बताने के लिए कचहरी या मोतीझील स्थित नगर निगम तक जाना पड़ता है। जागेश्वर अस्पताल में आफिस बनने के बाद लोगों को 10-12 किलोमीटर की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
बुधवार को एसीएम ने अस्पताल परिसर में पड़े कबाड़ को हटाने, टूटा प्लास्टर ठीक कराने और सफाई के निर्देश दिए। मालूम हो कि नगर निगम का जागेश्वर अस्पताल सालों से बंद पड़ा है। ऐसे में यहां साउथ सिटी के अफसरों का अस्थायी दफ्तर बनाने का फैसला किया गया।
इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा आराम
जोन दो, तीन और पांच के गोविंदनगर, किदवईनगर, बाबूपुरवा, साकेतनगर, जूही, बर्रा, नौबस्ता, दबौली, गुजैनी, श्याम नगर, चकेरी, पनकी आदि क्षेत्र के लोगों को भागदौड़ से राहत मिलेगी।