दीपावली में मिलावटी, नकली और सिंथेटिक खाद्य सामग्री खपाने वाले सक्रिय हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार को महाराजपुर के त्रिलोकीपुर गांव में सिंथेटिक खोवा बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी है। एक लाख 12 हजार रुपये कीमत का करीब नौ कुंतल खोवा नष्ट कराया है। करीब तीन लाख 62 हजार रुपये की सामग्री सीज की गई है। 11 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कार्यालय के अभिहित अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि त्रिलोकीपुर गांव निवासी राजेश कुशवाहा ने जय श्री बाला जी प्रोडक्ट के नाम खोवा बनाने का लाइसेंस लिया था। खाद्य सुरक्षा विभाग के मानकों में दूध को जलाकर तैयार किया गया पदार्थ खोवा कहलाता है। मगर यहां कृत्रिम खोवा तैयार किए जाने की सूचना मिली थी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने यहां छापा मारा तो सूचना सही मिली। यहां बिना ब्रांड का मिल्क पाउडर, चीनी और रिफाइंड तेल से खोवा बनाया जा रहा था। इस तरह का खोवा मानक के अनुरूप नहीं है। यह सारा खोवा दीपावली में खपाया जाना था। इस पर मौके पर तैयार खोवा नष्ट करा दिया गया। रिफाइंड, चीनी, खोवा व मिल्क पाउडर के 11 नमूने लिए गए। बताया जा रहा है कि राजेश कुशवाहा बीते दो साल से यहां हाता नुमा मकान में सिंथेटिक खोवा बना रहे हैं। इन पर करीब पांच लाख रुपये कीमत तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इतना माल सीज
850 किलो मिल्क पाउडर- कीमत 2,21,000
750 किलो चीनी- कीमत 29950
270 किलो रिफाइंड- कीमत 41,310,
480 किलो वनस्पति- कीमत 7080