फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इत्तेफाकन नहीं इरादतन की प्रेमिका की हत्या: नायलॉन की रस्सी...धारदार हथियार लेकर गया था साथ; फिर खुद भी दी जान

Mon, 29 May 2023 10:34 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर के नवाबगंज में प्रेमिका की हत्या के बाद युवक ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। युवक प्रेमिका के घर हत्या और केवल हत्या के ही इरादे से पहुंचा था। वह नायलॉन की रस्सी, धारदार हथियार साथ लेकर प्रेमिका से मिलने गया था। पहले रस्सी से गला कसा, फिर तकिये से मुंह दबाया और इसके बाद गर्दन रेत दी। 
विज्ञापन
प्रेमिका की हत्या करने के बाद ट्रेन से कटा युवक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के नवाबगंज में बरखा की हत्या इत्तेफाकन नहीं हुई, बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। आरोपी प्रेमी जिस तरह से तैयारी करके पहुंचा था, इससे पुलिस मानकर चल रही है कि उसका इरादा बरखा की हत्या करने का ही था। क्योंकि वह अपने साथ नायलॉन की रस्सी और धारदार हथियार लेकर पहुंचा था। इसी रस्सी से पहले गला कसा, फिर तकिये से मुंह दबाया। 
विज्ञापन


इसके बाद धारदार हथियार से गर्दन रेत दी। हालांकि इस हत्या की वजह क्या है, इसका पुलिस सटीक कारण नहीं पता कर सकी है। मृतका के देवर संतोष सैनी ने पुलिस को बताया कि आरोपी दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह मोहल्ले में अक्सर नशेबाजी करता था। करीब तीन साल पहले तक दीपक की बड़े भाई कृष्णकांत से अच्छी दोस्ती थी। 

इसी बात का फायदा उठाकर वह घर आने जाने लगा था। कृष्णकांत को जब पता चला कि दीपक के संबंध पत्नी से हो गए हैं तो, उन्होंने उससे दोस्ती तोड़ दी थी। इसके बाद भी दीपक और बरखा फोन बात करते थे। इसकी रिकॉर्डिंग मोहल्ले के कुछ लोगों ने कृष्णकांत को भी सुनाई थी।
विज्ञापन


सास-सुसर से की थी शिकायत, तब लौटा दिया था एंड्रायड मोबाइल
संतोष ने बताया कि 27 फरवरी को कृष्णकांत भाभी बरखा को लेकर उनके मायके नवाबगंज पहुंचा और अपने सास-ससुर से शिकायत की थी। इस पर बरखा ने अपनी गलती मानते हुए अपना एंड्रायड फोन पति को वापस कर दिया था। शनिवार रात पुलिस को बरखा के शव के पास से एक की-पैड मोबाइल मिला, जिसके विषय में उसके परिजनों को भी जानकारी नहीं थी।
 

 ऐसे में आशंका है कि दीपक ने ही बात करने के लिए बरखा को फोन दिया था। पुलिस ने जब फोन चेक किया तो उसमें एक ही नंबर से रात 10:27 बजे के पहले तीन बार बातचीत होने का पता चला। ट्रू कॉलर में चेक करने पर नंबर दीपक गुप्ता का निकला, जो कॉल उसने घर में घुसने से पहले तक की थीं। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है।

हत्या की सटीक वजह का पता नहीं कर सकी पुलिस

परिजनों की नजरों में बरखा ने दीपक से बातचीत बंद कर दी थी। पुलिस के अनुसार शनिवार रात को दीपक के आने का पता बरखा को पहले से था। इसलिए वह बहाना बनाकर ऊपर वाले कमरे में चली गई थी। सीसीटीवी फुटेज में दीपक रात करीब 10:27 बजे कान में फोन लगाए हुए घर के अंदर घुसते नजर आया। इसके बाद 11:30 बजे वह घर से बाहर निकला। 

इस दौरान दोनों के बीच बंद कमरे में किस बात को लेकर विवाद हुआ? दीपक ने उसकी हत्या क्यों की? पुलिस इसका पता नहीं लगा सकी है। आशंका जताई जा रही है कि दीपक ने बरखा से उसके साथ भाग चलने की जिद्द की होगी। बरखा के मना कर देने पर या रुपयों के लेनदेन को लेकर हत्या की गई है।

बदनाम करने के लिए ई-रिक्शे में बजाता था बातचीत की रिकॉर्डिंग
संतोष ने बताया कि जब दीपक को बरखा से दूर रहने के लिए कहा गया तो उसने परिवार को बदनाम करने के लिए अपने ई-रिक्शे में बरखा से की गई बातचीत की रिकॉर्डिंग बजाकर मोहल्ले में घूमना शुरू कर दिया था। विरोध करने पर धमकाता था। ऐसे में कृष्णकांत ने बरखा को ही समझाने में अपनी भलाई समझी। लोकलाज के भय से कभी पुलिस से भी दीपक की शिकायत नहीं की।

पुलिस ने ढाई घंटे में खोल दी हत्या की पूरी कहानी
महिला की मौत की खबर से पर पहुंची नवाबगंज पुलिस ने सबसे पहले फुटेज चेक कराए। इसमें नजर आए संदिग्ध युवक की पहचान मृतका के पति कृष्णकांत से कराई तो उसने दीपक के रूप में पहचान कर ली। की-पैड मोबाइल से मिले दीपक के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगवाया, लेकिन उसका फोन फ्लाइट मोड पर था। पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर पा रही थी। थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि रात को बिधनू जाकर दीपक के माता-पिता को हिरासत में लिया।
विज्ञापन

इस बीच जीआरपी ने रेलवे ट्रैक पर मिले दीपक के शव के पास से मिले फोन से मोहल्ले के एक युवक से संपर्क किया। उस युवक ने जीआरपी को बताया कि कुछ देर पहले नवाबगंज थाने की पुलिस दीपक के माता-पिता को साथ ले गई है। इस पर जीआरपी ने नवाबगंज थाने के सीयूजी नंबर पर कॉल करके दीपक की मौत की जानकारी दी। बरखा के पति कृष्णकांत से मंगाई गए शव की तस्वीर दिखाई तो उसने भी पहचान कर ली। इस तरह से ढाई घंटे में हत्या की पूरी कहानी खोल दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें