रुड़की हरिद्वार रोड स्थित कुंती नमन कालेज में स्वच्छता अभियान को लेकर शपथ लेती छात्र-छात्राएं।
कानपुर। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों की तरह ही राजकीय, अनुदानित, निजी पॉलिटेक्निक में नए कोर्स चलाने या सीट बढ़ोतरी की मान्यता पर रोक लगा दी है। साथ ही कहा है कि अब नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) से अनुमोदन के बाद ही प्रक्रिया पूरी होगी। इसके तहत पॉलिटेक्निक की शैक्षिक, प्लेसमेंट और शोध की गुणवत्ता परखी जाएगी। इसके पहले एनबीए की अनिवार्यता नहीं थी।
कानपुर सहित यूपी के अलग-अलग जिलों में 456 राजकीय, अनुदानित और निजी पॉलिटेक्निक हैं। इनमें एक लाख 41 हजार 777 सीटें हैं। करीब 75 पॉलिटेक्निक ने शैक्षिक सत्र 2016-17 से नए कोर्स की पढ़ाई और पुराने कोर्स की सीटें बढ़ाने की अनुमति एआईसीटीई से मांगी थी, जिसे अप्रैल के दूसरे सप्ताह में खारिज कर दिया गया है। अब एनबीए पॉलिटेक्निक में शिक्षक, कर्मचारियों की संख्या देखेगा। क्लास रूम, लैब और लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधा-संसाधनों का अध्ययन करेगा। कैंपस सेलेक्शन का आंकड़ा जुटाकर एक्रीडिटेशन का ग्रेड दिया जाएगा। इसके बाद ही नए कोर्स की पढ़ाई और सीट बढ़ोतरी का आवेदन फार्म स्वीकार किया जाएगा।
आठ पॉलिटेक्निक को बजट
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने आठ राजकीय और अनुदानित पॉलिटेक्निक के एनबीए का बजट जारी कर दिया है। इसमें राजकीय पॉलिटेक्निक कानपुर का नाम भी शामिल है। हर पॉलिटेक्निक को दो-दो लाख रुपये दिए गए हैं।